ePaper

अब UPI करना पड़ेगा महंगा! 3000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर चार्ज वसूलने की तैयारी में सरकार

Updated at : 11 Jun 2025 6:24 PM (IST)
विज्ञापन
UPI payment

UPI payment

UPI Payment: सरकार जल्द ही 3000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR यानी मर्चेन्ट डिस्काउंट रेट लगा सकती है. फिलहाल UPI पर जीरो-एमडीआर पॉलिसी लागू है. जिसके कारण निवेश में कमी देखी जा रही है.

विज्ञापन

UPI Payment: अगर आप भी हर जगह पेमेंट करने के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं तो फिर ये खबर आपके लिए है. क्योंकि, सरकार UPI ट्रांजैक्शन पर फिर से MDR(मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू कर सकती है. जिसके तहत 3000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर चार्ज लिया जा सकता है. अब तक UPI यूजर्स को किसी तरह का चार्ज नहीं देना पड़ता था और न ही ट्रेडर्स से भी कोई चार्ज ली जाती थी. लेकिन अब 3000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर MDR लागू किया जा सकता है. ऐसे में 3000 रुपये से कम के लेनदेन पर यह लागू नहीं होगा. यह नियम बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को ऑपरेशन कॉस्‍ट में मदद करने के मकसद से लाया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: AC की ठंडक पर लगेगा ब्रेक! 20°C से नीचे नहीं जाएगा एसी का पारा, जानिए मोदी सरकार का नया प्लान

Zero MDR पॉलिसी के कारण निवेश में हो रही कमी

दरअसल, बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर का कहना है कि बड़े-बड़े डिजिटल ट्रांजैक्शन की लागत में बढ़ोत्तरी हो रही है. साल 2020 से लेकर अब तक UPI के पर्सन-टू-मर्चेंट (PTM) का साइज बढ़कर 60 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. लगभग 80% रिटेल डिजिटल ट्रांजैक्शन UPI से होते हैं. लेकिन Zero MDR पॉलिसी के कारण निवेश में कमी देखी जा रही है. ऐसे में सरकार UPI पर MDR लागू कर सकती है. इस पर एक या दो महीने के अंदर फैसला लिया जा सकता है. सरकार, बैंक से लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और फिनटेक कंपनियों से सलाह लेगी. उसके बाद ही इस पर फैसला लेगी.

क्या होगा बदलाव?

अगर सरकार UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करती है तो 3000 रुपये से कम के ट्रांजैक्शन पर किसी तरह का MDR फीस नहीं लगेगा. लेकिन 3000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर MDR फीस लगाई जा सकती है. यानी कि यह फीस आपके ट्रांजैक्शन के आधार पर लगाई जाएगी कि आपने कितने रुपये का लेनदेन किया है. उसके हिसाब से MDR फीस वसूला जाएगा. वहीं, पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) की तरफ से UPI ट्रांजैक्शन पर बड़े मर्चेंट के लिए 0.3% MDR का सुझाव दिया गया है.
RuPay को छोड़कर डेबिट-क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर MDR 0.9% से 2% तक है. RuPay कार्ड को अभी MDR से छूट दी गई है.

क्या होता है MDR

MDR वह चार्ज है, जो मर्चेंट (व्यापारी) डिजिटल पेमेंट को एकसेप्ट करने के लिए बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं. फिलहाल UPI और RuPay कार्ड पर ‘जीरो-एमडीआर’ पॉलिसी (Zero MDR Policy) लागू है.

यह भी पढ़ें: सिर्फ AC ही नहीं कूलर को भी चाहिए होती है सर्विसिंग, ऐसे रखेंगे ख्याल, तो सालों साल मिलेगी ठंडी हवा

यह भी पढ़ें:  आधा भारत नहीं जानता इन्वर्टर की बैटरी में पानी भरने का सही तरीका, जान जाएगा तो कहलाएगा उस्ताद

विज्ञापन
Shivani Shah

लेखक के बारे में

By Shivani Shah

डिजिटल पत्रकारिता में 3 सालों का अनुभव है. प्रभात खबर में जूनियर टेक कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं. टेक्नोलॉजी कैटेगरी में ये स्मार्टफोन से लेकर टेक-टिप्स, गैजेट्स, एआई, सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च-बेस्ड, इन-डेप्थ और यूजर-फोकस्ड कंटेंट लिखती हैं. इसके अलावा ये ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola