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केंद्र सरकार का X को सख्त नोटिस- Grok से अश्लील कंटेंट हटाकर 72 घंटे में भेजें रिपोर्ट

Updated at : 03 Jan 2026 12:04 AM (IST)
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MeitY Notice To X

सरकार का कड़ा नोटिस: ‘एक्स’ से एआई अश्लील कंटेंट हटाओ / / सांकेतिक तस्वीर एक्स से

MeitY Notice To X: भारत सरकार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ को नोटिस जारी कर एआई-जनित अश्लील सामग्री पर तुरंत रोक लगाने और एक्शन टेकेन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.

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MeitY Notice To X: भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) को कड़ा नोटिस जारी करते हुए एआई-जेनरेटेड अश्लील और गैरकानूनी सामग्री पर तुरंत रोक लगाने और Action Taken Report (ATR) पेश करने का आदेश दिया है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने साफ कहा है कि मंच पर ‘ग्रोक’ जैसे एआई टूल्स के जरिए तैयार की गई अश्लील सामग्री अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर कंपनी ने आदेश का पालन नहीं किया तो आईटी अधिनियम और अन्य भारतीय कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी.

क्यों पड़ा सरकार को नोटिस जारी करना जरूरी

पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में सामने आए मामलों में पाया गया कि एआई तकनीक का इस्तेमाल कर नकली और अश्लील टिकटें और सामग्री बनाई जा रही हैं. इससे न केवल कानून का उल्लंघन हो रहा है बल्कि डिजिटल सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है. इसी वजह से सरकार ने तुरंत दखल देते हुए ‘एक्स’ को चेतावनी दी.

‘ग्रोक’ऐप पर सबसे ज्यादा सवाल

मंत्रालय ने खासतौर पर ‘ग्रोक’ नामक एआई ऐप का उल्लेख किया है, जिसके जरिए आपत्तिजनक और नग्न सामग्री तैयार की जा रही थी. सरकार ने कहा कि इस तरह की सामग्री का निर्माण, प्रकाशन और प्रसारण पूरी तरह गैरकानूनी है और इसे तुरंत हटाना होगा.

आईटी नियमों का सख्त पालन अनिवार्य

नोटिस में साफ कहा गया है कि आईटी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2021 के तहत निर्धारित दायित्वों का पालन करना हर डिजिटल मंच की जिम्मेदारी है. एक्स को निर्देश दिया गया है कि वह तय समयसीमा में सभी अवैध सामग्री हटाए ताकि किसी भी सबूत से छेड़छाड़ न हो सके.

कंपनी और अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई का खतरा

सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो मंच, उसके जिम्मेदार अधिकारियों और ऐसे यूजर्स पर भी कार्रवाई होगी जो अश्लील सामग्री अपलोड या साझा करते हैं. यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS), नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और अन्य लागू कानूनों के तहत होगी.

डिजिटल सुरक्षा और राजस्व बचाने की कवायद

सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल प्लैटफॉर्म्स की विश्वसनीयता बनाए रखने और राजस्व की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है. एआई के गलत इस्तेमाल से न केवल सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है बल्कि तकनीकी सिस्टम की अखंडता भी खतरे में पड़ रही है.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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