जीमेल-फेसबुक से लेकर नेटफ्लिक्स तक, 14.9 करोड़ खातों की जानकारी लीक, जल्दी पासवर्ड बदलिए

Edited by Rajeev Kumar
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एक रिपोर्ट और हिल गई डिजिटल दुनिया / सांकेतिक तस्वीर चैटजीपीटी एआई से

बड़े डाटा लीक में जीमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और नेटफ्लिक्स के 14.9 करोड़ यूजर्स की लॉगिन जानकारी उजागर होने का दावा

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जब सुबह मोबाइल उठाकर मेल और सोशल मीडिया खोलने की आदत है, तब ऐसी खबर दिल में हल्की सी सिहरन पैदा कर देती है. मैं भी यही सोच रहा था कि जिन पासवर्ड्स को हम सालों से “सुरक्षित” मानकर चल रहे हैं, अगर वही खुले बाजार में पड़े हों तो? ताजा साइबर सुरक्षा रिपोर्ट ने इसी डर को हकीकत बना दिया है. दावा है कि जीमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और नेटफ्लिक्स जैसी दिग्गज इंटरनेट सेवाओं के करीब 14.9 करोड़ यूजर्स की लॉगिन जानकारी सार्वजनिक रूप से उजागर हो गई.

कैसे सामने आया इतना बड़ा डाटा लीक?

यह मामला तब सामने आया, जब साइबर सुरक्षा शोधकर्ता जेरेमियाफाउलर ने एक ऐसे ऑनलाइन डेटाबेस का पता लगाया, जो न तो पासवर्ड से सुरक्षित था और न ही एन्क्रिप्टेड. यानी जो भी उसे खोज ले, वह सीधे लाखों यूजरनेम और पासवर्ड तक पहुंच सकता था. रिपोर्ट बताती है कि यह डाटाबेस करीब 96 जीबी का था और इसमें एक-एक करके नहीं, बल्कि पूरी-पूरी डिजिटल पहचान सजी हुई थी.

किन-किन प्लेटफॉर्म्स के अकाउंट्स हुए प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, इस डाटा में सबसे ज्यादा जीमेल के करोड़ों अकाउंट्स की जानकारी शामिल थी. इसके अलावा फेसबुक, इंस्टाग्राम, याहू, नेटफ्लिक्स और आउटलुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के यूजर्स भी इसकी चपेट में आए. यानी यह लीक किसी एक ऐप या सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की डिजिटल जिंदगी से जुड़ा हुआ है.

सिर्फ सोशल मीडिया नहीं, बैंकिंग तक खतरा

इस खबर को और गंभीर बनाती है वह जानकारी, जिसमें बताया गया कि कुछ रिकॉर्ड्स में बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, ट्रेडिंग अकाउंट और यहां तक कि क्रिप्टो वॉलेट से जुड़ेलॉगिन भी मिले हैं. सोचिए, अगर किसी के हाथ ऐसी जानकारी लग जाए, तो नुकसान सिर्फ अकाउंट हैक होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीधा आर्थिक झटका भी लग सकता है.

सरकारी ईमेल्स का लीक होना क्यों है खतरनाक

फाउलर ने एक और बड़ी चिंता जताई- इस डाटा में कई देशों के डॉट जीओवी (सरकारी ईमेल) से जुड़ेक्रेडेंशियल भी पाए गए. इसका मतलब है कि खतरा सिर्फ आम यूजर्स तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम और संवेदनशील सूचनाओं तक भी पहुंच सकता है.

Data Leak: आम यूजर को अब क्या करना चाहिए

इस तरह की खबरें पढ़कर घबराना आसान है, लेकिन जरूरी है सतर्क होना. मैं यही कहूंगा कि अगर आपने लंबे समय से पासवर्ड नहीं बदला है, तो अब देर न करें. अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अलग पासवर्ड रखें, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें और अनजान लिंक या फाइलों से दूरी बनाएं. डिजिटल दुनिया में सुरक्षा अब विकल्प नहीं, जरूरत बन चुकी है.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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