ePaper

जीमेल-फेसबुक से लेकर नेटफ्लिक्स तक, 14.9 करोड़ खातों की जानकारी लीक, जल्दी पासवर्ड बदलिए

26 Jan, 2026 2:30 am
विज्ञापन
data-leak

एक रिपोर्ट और हिल गई डिजिटल दुनिया / सांकेतिक तस्वीर चैटजीपीटी एआई से

बड़े डाटा लीक में जीमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और नेटफ्लिक्स के 14.9 करोड़ यूजर्स की लॉगिन जानकारी उजागर होने का दावा

विज्ञापन

जब सुबह मोबाइल उठाकर मेल और सोशल मीडिया खोलने की आदत है, तब ऐसी खबर दिल में हल्की सी सिहरन पैदा कर देती है. मैं भी यही सोच रहा था कि जिन पासवर्ड्स को हम सालों से “सुरक्षित” मानकर चल रहे हैं, अगर वही खुले बाजार में पड़े हों तो? ताजा साइबर सुरक्षा रिपोर्ट ने इसी डर को हकीकत बना दिया है. दावा है कि जीमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और नेटफ्लिक्स जैसी दिग्गज इंटरनेट सेवाओं के करीब 14.9 करोड़ यूजर्स की लॉगिन जानकारी सार्वजनिक रूप से उजागर हो गई.

कैसे सामने आया इतना बड़ा डाटा लीक?

यह मामला तब सामने आया, जब साइबर सुरक्षा शोधकर्ता जेरेमियाफाउलर ने एक ऐसे ऑनलाइन डेटाबेस का पता लगाया, जो न तो पासवर्ड से सुरक्षित था और न ही एन्क्रिप्टेड. यानी जो भी उसे खोज ले, वह सीधे लाखों यूजरनेम और पासवर्ड तक पहुंच सकता था. रिपोर्ट बताती है कि यह डाटाबेस करीब 96 जीबी का था और इसमें एक-एक करके नहीं, बल्कि पूरी-पूरी डिजिटल पहचान सजी हुई थी.

किन-किन प्लेटफॉर्म्स के अकाउंट्स हुए प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, इस डाटा में सबसे ज्यादा जीमेल के करोड़ों अकाउंट्स की जानकारी शामिल थी. इसके अलावा फेसबुक, इंस्टाग्राम, याहू, नेटफ्लिक्स और आउटलुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के यूजर्स भी इसकी चपेट में आए. यानी यह लीक किसी एक ऐप या सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की डिजिटल जिंदगी से जुड़ा हुआ है.

सिर्फ सोशल मीडिया नहीं, बैंकिंग तक खतरा

इस खबर को और गंभीर बनाती है वह जानकारी, जिसमें बताया गया कि कुछ रिकॉर्ड्स में बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, ट्रेडिंग अकाउंट और यहां तक कि क्रिप्टो वॉलेट से जुड़ेलॉगिन भी मिले हैं. सोचिए, अगर किसी के हाथ ऐसी जानकारी लग जाए, तो नुकसान सिर्फ अकाउंट हैक होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीधा आर्थिक झटका भी लग सकता है.

सरकारी ईमेल्स का लीक होना क्यों है खतरनाक

फाउलर ने एक और बड़ी चिंता जताई- इस डाटा में कई देशों के डॉट जीओवी (सरकारी ईमेल) से जुड़ेक्रेडेंशियल भी पाए गए. इसका मतलब है कि खतरा सिर्फ आम यूजर्स तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम और संवेदनशील सूचनाओं तक भी पहुंच सकता है.

Data Leak: आम यूजर को अब क्या करना चाहिए

इस तरह की खबरें पढ़कर घबराना आसान है, लेकिन जरूरी है सतर्क होना. मैं यही कहूंगा कि अगर आपने लंबे समय से पासवर्ड नहीं बदला है, तो अब देर न करें. अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अलग पासवर्ड रखें, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें और अनजान लिंक या फाइलों से दूरी बनाएं. डिजिटल दुनिया में सुरक्षा अब विकल्प नहीं, जरूरत बन चुकी है.

यह भी पढ़ें: क्या Google आपके स्मार्टफोन से चुपचाप इकट्ठा कर रहा डेटा? इस तरीके से लगा सकते हैं पता

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें