गैस संकट में बड़े काम आयेगा यह इंडक्शन, किसी भी बर्तन में बनेगा खाना
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 15 Mar 2026 8:55 PM
infrared cooktop / pic: glen
गैस संकट के बीच इन्फ्रारेड कुकटॉप की डिमांड बढ़ रही है. इंडक्शन की तुलना में यह ज्यादा फ्लेक्सिबल है और पुराने बर्तनों में भी काम करता है.
भारत में एलपीजी गैस संकट और बढ़ती कीमतों के बीच लोग तेजी से बिजली से चलने वाले कुकटॉप की ओर रुख कर रहे हैं. खासकर इन्फ्रारेड कुकटॉप की डिमांड बढ़ रही है क्योंकि यह किसी भी बर्तन में खाना बनाने की सुविधा देता है. यानी आपको महंगे मैग्नेटिक कुकवेयर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती.
इंडक्शन बनाम इन्फ्रारेड कुकटॉप
इंडक्शन कुकटॉप इलेक्ट्रो मैग्नेटिक एनर्जी से सीधे मैग्नेटिक बर्तनों को गर्म करता है. इसका फायदा यह है कि यह पावर सेविंग है, लेकिन इसमें सिर्फ खास बर्तन ही काम करते हैं. वहीं इन्फ्रारेड कुकटॉप हेलोजन बल्ब या मेटल एलॉय रिबन्स से हीट पैदा करता है और सरफेस को गर्म करता है. इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें घर के पुराने बर्तन भी इस्तेमाल किये जा सकते हैं.
मार्केट में मौजूद ऑप्शंस
Prestige Electro Duo Infrared + Induction Combo Cooktop: इसमें 1600W का इंडक्शन और 2000W का इन्फ्रारेड दिया गया है. कीमत ₹7,695 है.
Wonderchef Infrared Cooktop: डिस्प्ले और कंट्रोल्स के साथ आता है. कीमत ₹3,499 है.
Hilton Infrared Cooktop: इसमें डिजिटल डिस्प्ले, 3 प्रीसेट फंक्शन और टाइमर दिया गया है. साथ ही, ऑटो-कूलिंग सिस्टम भी है.
किसके लिए बेहतर
अगर आप चाहते हैं कि घर के पुराने बर्तन भी काम आएं और इंस्टॉलेशन की झंझट न हो, तो इन्फ्रारेड कुकटॉप आपके लिए बेस्ट है. वहीं अगर आप पावर सेविंग और फास्ट कुकिंग चाहते हैं तो इंडक्शन कुकटॉप बेहतर रहेगा.
यह भी पढ़ें: LPG चूल्हा या इलेक्ट्रिक स्टोव- सस्ता और सुरक्षित विकल्प कौन?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










