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AI सेक्टर से जुड़ी यह खबर पढ़कर आपका दिल गार्डेन-गार्डेन हो जाएगा

भारतीय आईटी दिग्गज एजेंटिक एआई को अपनाने में दुनिया से आगे, सर्वेक्षण में 48% ने इसे प्राथमिकता बताया. एआई प्रतिभा को निखार रहा है और नये रोजगार अवसर पैदा कर रहा है.

भारतीय आईटी कंपनियां अब पारंपरिक एआई टूल्स से आगे बढ़कर एजेंटिक एआई (Agentic AI) को अपनाने में सबसे आगे निकल रही हैं. एक ताजा सर्वेक्षण में सामने आया है कि भारत की कंपनियां इसे केवल दक्षता बढ़ाने का साधन नहीं मान रही, बल्कि भविष्य के कारोबारी मॉडल की रीढ़ के रूप में देख रही हैं. यह रुझान वैश्विक स्तर पर भारत को अलग पहचान देता है और आईटी सेक्टर के पेशेवरों और निवेशकों के लिए बेहद अहम है.

प्रौद्योगिकी परामर्श कंपनी थॉटवर्क्स ने सात देशों के 3,500 वरिष्ठ अधिकारियों पर आधारित सर्वेक्षण किया, जिसमें भारत से 500 प्रतिभागी शामिल थे. रिपोर्ट बताती है कि 48 प्रतिशत भारतीय आईटी दिग्गजों ने एजेंटिकएआई को अपनी प्राथमिकता माना है. अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे पश्चिमी बाजार अभी भी पारंपरिक दक्षता सुधार पर केंद्रित हैं, जबकि भारत इस नयी दिशा में सबसे आगे है.

सर्वेक्षण में 93 प्रतिशत भारतीय प्रतिभागियों ने माना कि एआई का सबसे बड़ा असर लोगों के कौशल और काम की गति को बढ़ाने में है. खास बात यह रही कि 86 प्रतिशत ने एआई को प्रतिभा का विकल्प नहीं बल्कि उसे और निखारने वाला साधन बताया. इसका सीधा मतलब है कि भारतीय आईटी सेक्टर में एआई को नौकरी छीनने वाले खतरे के बजाय सहयोगी तकनीक के रूप में देखा जा रहा है.

एजेंटिकएआई ऐसे स्वायत्त सिस्टम हैं जो स्वतंत्र रूप से तर्क कर सकते हैं और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं. भारत में इसका तेजी से अपनाया जाना यह संकेत देता है कि कंपनियां केवल प्रोडक्टिविटी टूल्स पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं, बल्कि एआई-आधारित कारोबारी ढांचे की ओर बढ़ रही हैं. यह बदलाव नीति निर्माताओं के लिए भी संकेत है कि एआई को केवल ऑटोमेशन के नजरिये से नहीं, बल्कि नवाचार और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से देखना होगा.

आईटी उद्योग के जानकार मानते हैं कि भारत का यह रुझान वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसे बढ़त दिला सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे नौकरियों को मानव-एआई सहयोग के लिए फिर से तैयार किया जा रहा है, भूमिकाओं में वृद्धि हो रही है. 57 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बताया कि एआई के साथ काम करने से नयी जिम्मेदारियां और अवसर पैदा हो रहे हैं.

भारतीय आईटी सेक्टर का एजेंटिकएआई पर भरोसा यह दर्शाता है कि आने वाले वर्षों में कंपनियां न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ाएंगी बल्कि नये कारोबारी मॉडल भी गढ़ेंगी. यह रुझान भारत को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी बना सकता है और प्रतिभा विकास के साथ-साथ रोजगार के नये अवसर भी खोलेगा.

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Rajeev Kumar
Rajeev Kumar
राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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