Sanchar Saathi: अब हर फोन में पहले से मौजूद रहेगा संचार साथी ऐप, जानिए इससे आपको क्या होगा फायदा
Published by : Shivani Shah Updated At : 02 Dec 2025 9:20 AM
संचार साथी
Sanchar Saathi App: फ्रॉड और साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग ने सभी मोबाइल निर्माताओं को स्मार्टफोन में संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल रहेगा. वहीं, पुराने स्मार्टफोन्स में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इस ऐप को एड किया जाएगा. साथ ही इसके लिए स्मार्टफोन कंपनियों को 90 दिन का समय दिया गया है.
Sanchar Saathi App: स्मार्टफोन्स को लेकर दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने एक नया निर्देश जारी कर दिया है. इस नये आदेश के तहत अब भारत में बेचे जाने वाले हर मोबाइल फोन में Sanchar Saathi App पहले से ही प्री-इंस्टॉल रहेगा. साथ ही मोबाइल निर्माता कंपनियों को ऐप को हाइड करने, डिसेबल करने या इसके किसी भी फीचर को लिमिटेड रखने की अनुमति नहीं होगी.
पुराने स्मार्टफोन्स में अपडेट के जरिए होगा एड
दूरसंचार विभाग (DoT) के निर्देशों के अनुसार, जो फोन पहले से भारतीय बाजार में मौजूद हैं, उनमें Sanchar Saathi ऐप को सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं, इस आदेश का पालन करने के लिए विभाग ने कंपनियों को 90 दिन दिए हैं, जबकि अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के लिए 120 दिन का समय निर्धारित किया गया है.
क्यों जारी किया गया ये आदेश?
दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल फोन की असलियत जांचने के लिए Sanchar Saathi ऐप को हर हैंडसेट में प्री-इंस्टॉल करने के निर्देश दिए हैं. इसे लेकर मंत्रालय ने बताया है, कि नागरिकों को नकली या चोरी किया हुआ मोबाइल फोन खरीदने से बचाने, टेलीकॉम सेवाओं के गलत इस्तेमाल की शिकायतें आसानी से दर्ज कराने और Sanchar Saathi पहल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए DoT ने 28 नवंबर 2025 को यह आदेश जारी किया है. इसके तहत भारत में बनाए गए या इंपोर्ट किए जाने वाले सभी मोबाइल फोन निर्माताओं और आयातकों को Telecom Cyber Security नियमों के अंतर्गत इस ऐप को अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करना होगा.
Sanchar Saathi क्या है?
Sanchar Saathi एक सरकारी ऐप है. यह पोर्टल दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) द्वारा डेवलप किया गया है. खास साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने और टेलीकॉम सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए इस एप को लॉन्च किया गया है. इसकी मदद से खोए या चोरी हुए स्मार्टफोन को ब्लॉक, ट्रैक और रिकवर किया जा सकता है.
कैसे काम करता है संचार साथी ऐप?
संचार साथी ऐप यूजर्स को फोन के IMEI नंबर से यह जांचने की सुविधा देता है, कि डिवाइस असली है या नहीं. यूजर्स अपना खोया या चोरी हुआ फोन भी इस प्लेटफॉर्म के जरिए रिपोर्ट कर सकते हैं. इसके अलावा, आप यह भी देख सकते हैं कि आपके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन जारी किए गए हैं और बैंक व फाइनेंशियल संस्थानों के ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट डिटेल्स भी यहां उपलब्ध हैं. यह पूरी पहल Telecom Cyber Security (TCS) नियमों द्वारा समर्थित है, जो सरकार को मोबाइल निर्माताओं के लिए IMEI से जुड़े अनुपालन निर्देश जारी करने का अधिकार देते हैं.
क्या होगा आपको फायदा?
- सबसे पहले, यह फोन के IMEI नंबर के जरिए यह पता लगाने में मदद करता है, कि आपका मोबाइल असली है या नकली.
- अगर आपका फोन खो जाए या चोरी हो जाए, तो आप इस ऐप से तुरंत रिपोर्ट करके डिवाइस को ब्लॉक करा सकते हैं.
- किसी भी तरह की संदिग्ध कॉल या फ्रॉड मैसेज की शिकायत भी सीधे इस ऐप से की जा सकती है, जिससे साइबर धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलती है.
- यह ऐप आपको यह भी दिखाता है कि आपके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिससे अगर आपके नाम पर कोई अनऑथराइज्ड सिम चल रही है, तो उसे तुरंत बंद कराया जा सकता है.
- इसके अलावा, यह बैंक और वित्तीय संस्थानों के वेरिफाइड कॉन्टैक्ट नंबर उपलब्ध कराता है, ताकि यूजर्स फर्जी कॉल्स का शिकार न बनें. कुल मिलाकर, संचार साथी ऐप डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाते हुए यूजर्स को मोबाइल से जुड़े जोखिमों से बचाने में बड़ी भूमिका निभाता है.
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