Google Search में AI से परेशान हुए लोग, अब DuckDuckGo बना नया सहारा

Google AI Search से परेशान यूजर्स ने किया DuckDuckGo का रुख / एआई इमेज
Google Search में बढ़ते AI फीचर्स के बीच DuckDuckGo की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. यूजर्स अब AI-Free सर्च, बेहतर प्राइवेसी और कंट्रोल वाले विकल्प की तरफ शिफ्ट होते दिख रहे हैं.
गूगल पिछले कुछ समय से अपने सर्च प्लैटफॉर्म में लगातार AI फीचर्स जोड़ रहा है. लेकिन अब यही बदलाव कई यूजर्स को परेशान करने लगा है. बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आ रहे हैं जो बिना AI वाले पुराने और सीधे-सादे सर्च अनुभव को पसंद करते हैं. इसी वजह से अब प्राइवेसी-फोकस्ड सर्च इंजन DuckDuckGo को बड़ा फायदा मिलता दिख रहा है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, गूगल के नए AI अपडेट्स के बाद DuckDuckGo के डाउनलोड और ट्रैफिक में अचानक तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
Google I/O के बाद अचानक बढ़ी DuckDuckGo की लोकप्रियता
रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल के बड़े AI ऐलानों के बाद अमेरिका में DuckDuckGo मोबाइल ऐप इंस्टॉल्स में औसतन 18 प्रतिशत से ज्यादा की साप्ताहिक बढ़ोतरी देखने को मिली. खास बात यह रही कि iPhone यूजर्स के बीच इसकी ग्रोथ और भी ज्यादा रही. कुछ दिनों में ऐप डाउनलोड लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ गए.
इतना ही नहीं, DuckDuckGo के उस खास सर्च पेज पर भी ट्रैफिक तेजी से बढ़ा जहां AI फीचर्स पूरी तरह बंद रहते हैं. यह साफ संकेत है कि इंटरनेट पर अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे यूजर्स मौजूद हैं जो AI-जेनरेटेड जवाबों की बजाय सामान्य सर्च रिजल्ट देखना चाहते हैं.
यूजर्स को क्यों पसंद आ रहा AI-Free सर्च?
कई यूजर्स का मानना है कि AI आधारित सर्च रिजल्ट्स कई बार जरूरत से ज्यादा जानकारी देते हैं या असली वेबसाइट्स तक पहुंचने का अनुभव खराब कर देते हैं. कुछ लोगों को यह भी लगता है कि AI फीचर्स अब जबरदस्ती थोपे जा रहे हैं और उन्हें बंद करने का आसान विकल्प नहीं मिलता.
DuckDuckGo ने इसी मुद्दे को अपनी ताकत बना लिया है. कंपनी लगातार यह कह रही है कि उसके यहां यूजर्स तय कर सकते हैं कि उन्हें AI चाहिए या नहीं. यानी अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह AI-Free सर्च चाहता है तो उसे वह विकल्प आसानी से मिल जाता है.
प्राइवेसी भी बनी बड़ी वजह
DuckDuckGo पहले से ही प्राइवेसी-केंद्रित सर्च इंजन के तौर पर जाना जाता है. कंपनी दावा करती है कि वह यूजर्स की सर्च हिस्ट्री स्टोर नहीं करती और न ही चैट या डेटा को AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल करती है.
आज जब AI और डेटा कलेक्शन को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है, तब यह मॉडल कई यूजर्स को आकर्षित कर रहा है. खासकर वे लोग जो अपनी ऑनलाइन एक्टिविटी को ज्यादा निजी रखना चाहते हैं, अब गूगल के विकल्प तलाश रहे हैं.
DuckDuckGo ने AI को पूरी तरह नहीं हटाया
दिलचस्प बात यह है कि DuckDuckGo खुद भी AI फीचर्स ऑफर करता है. कंपनी के पास AI आधारित Search Assist और Duck.AI जैसे टूल मौजूद हैं. लेकिन फर्क यह है कि यहां AI फीचर्स ऑप्शनल रखे गए हैं.
कंपनी ने ऐसे फीचर्स भी लॉन्च किए हैं जो सर्च रिजल्ट्स से AI जनरेटेड इमेजेज को फिल्टर कर सकते हैं. यानी यूजर के पास ज्यादा कंट्रोल रहता है कि वह इंटरनेट को किस तरीके से इस्तेमाल करना चाहता है.
क्या AI सर्च के खिलाफ बढ़ रही नयी बहस?
AI अब टेक इंडस्ट्री का सबसे बड़ा ट्रेंड बन चुका है. गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और दूसरी बड़ी कंपनियां अपने प्लैटफॉर्म्स में तेजी से AI जोड़ रही हैं. लेकिन अब इसके खिलाफ एक अलग तरह की प्रतिक्रिया भी दिखने लगी है.
कुछ यूजर्स चाहते हैं कि इंटरनेट पहले जैसा आसान और कंट्रोल्ड रहे, जहां वे खुद तय करें कि उन्हें AI की मदद चाहिए या नहीं. DuckDuckGo की बढ़ती लोकप्रियता इसी बदलती सोच का संकेत मानी जा रही है.
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By राजीव कुमार
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जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.
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