WhatsApp – Telegram पर फैल रहे फर्जी mParivahan ऐप और RAT मैलवेयर, सेकेंडों में हो जाएगी आपकी पहचान और कमाई की चोरी

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फर्जी mParivahan ऐप और RAT मैलवेयर से सावधान

फर्जी mParivahan ऐप और RAT मैलवेयर. साइबर अपराधियों के नए तरीके से सावधान रहें. भरोसेमंद स्रोतों से ऐप डाउनलोड करें और अनावश्यक अनुमतियों से सावधान रहें

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भारत में मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से फैलने वाला मैलवेयर तेजी से साइबर फ्रॉड का एक गंभीर रूप बनता जा रहा है. साइबर अपराधी अब पारंपरिक फिशिंग कॉल पर निर्भर नहीं हैं. इसके बजाय, वे ट्रोजनयुक्त APK फाइलें भेजकर यूजर्स को फंसाते हैं.

नकली ट्रैफिक उल्लंघन संदेश

साइबर अपराधी WhatsApp पर नकली ट्रैफिक उल्लंघन संदेश भेजकर यूजर्स को फंसाते हैं. ये संदेश असली दिखने के लिए टिकट नंबर और वाहन पंजीकरण जैसी जानकारियों के साथ तैयार किए गए हैं. जब यूजर्स लिंक पर क्लिक करते हैं, तो उन्हें लगता है कि वे आधिकारिक mParivahan ऐप डाउनलोड कर रहे हैं. वास्तव में, यह मैलवेयर है, जिसे संवेदनशील डेटा चोरी करने के लिए डिजाइन किया गया है.

RAT मैलवेयर का खतरा

इन मैलवेयर के केंद्र में Remote Access Trojan (RAT) होते हैं. यह विशेष प्रकार का मैलवेयर अपराधियों को संक्रमित डिवाइस का पूरा नियंत्रण देता है. एक बार इंस्टॉल होने के बाद, RAT SMS (OTP सहित) इंटरसेप्ट कर सकता है, मोबाइल बैंकिंग ऐप्स को नियंत्रित कर सकता है, व्यक्तिगत डेटा चुरा सकता है और माइक्रोफोन या कैमरा को दूर से सक्रिय कर सकता है.

कैसे सुरक्षित रहें?

  1. भरोसेमंद स्रोतों से ऐप डाउनलोड करें: केवल Google Play या Apple App Store जैसे भरोसेमंद स्रोतों से ऐप डाउनलोड करें
  2. अनावश्यक अनुमतियों से सावधान रहें: उन ऐप्स पर शक करें जो अनावश्यक अनुमतियां मांगते हैं
  3. अपने डिवाइस को अपडेट रखें: डिवाइस को सुरक्षा पैच के साथ अपडेट रखें और भरोसेमंद एंटीवायरस इंस्टॉल करें
  4. ऐप अनुमतियों की नियमित समीक्षा करें: ऐप अनुमतियों की नियमित समीक्षा करें और अनावश्यक अनुमतियों को हटा दें.

संक्रमित होने पर क्या करें?

  • संदिग्ध ऐप तुरंत अनइंस्टॉल करें: यदि आपको लगता है कि आपका डिवाइस संक्रमित है, तो संदिग्ध ऐप को तुरंत अनइंस्टॉल करें
  • बैंकिंग क्रेडेंशियल रीसेट करें: अपने बैंकिंग क्रेडेंशियल रीसेट करें और ट्रांजैक्शन अलर्ट सक्षम करें
  • UPI लेनदेन बंद करें: यदि जोखम है, तो अस्थायी रूप से UPI लेनदेन बंद करें
  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें: राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें.

सावधान रहना आवश्यक

ट्रेसएक्स लैब्स की जांच में पता चला है कि साइबर अपराधियों के नए तरीके से सावधान रहना आवश्यक है. भरोसेमंद स्रोतों से ऐप डाउनलोड करने, अनावश्यक अनुमतियों से सावधान रहने, और अपने डिवाइस को अपडेट रखने से आप सुरक्षित रह सकते हैं.

ट्रेसएक्स लैब्स ने कई अन्य धोखाधड़ी वाले ऐप्स की पहचान की है, जो ऑनलाइन फैल रहे हैं. इनमें शामिल हैं:

RTO Challan
E-Challan APK
Wedding Invitation apps

वयस्क विषय वाले APKs जैसे Bhabhi Calling और Video Call APK.

साइबर अपराधी कैसे मैलवेयर फैलाते हैं?

साइबर अपराधी मैलवेयर फैलाने के लिए नकली ट्रैफिक उल्लंघन संदेश भेजते हैं और यूजर्स को फंसाते हैं.

RAT मैलवेयर क्या है?

RAT मैलवेयर एक विशेष प्रकार का मैलवेयर है जो अपराधियों को संक्रमित डिवाइस का पूरा नियंत्रण देता है.

कैसे सुरक्षित रहें?

भरोसेमंद स्रोतों से ऐप डाउनलोड करें, अनावश्यक अनुमतियों से सावधान रहें, और अपने डिवाइस को अपडेट रखें.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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Frequently Asked Questions

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