DeepSeek: सस्ते चीनी AI मॉडल ने कैसे मचाया तहलका? Chatgpt को खुली चुनौती

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 02 Feb 2025 12:57 PM

विज्ञापन

DeepSeek AI in News

DeepSeek AI: डीपसीक का प्रमुख आकर्षण इसका ओपन सोर्स होना है, जो अन्य एआई मॉडल्स की तुलना में 95 प्रतिशत सस्ता है. इसकी एक और खासियत यह है कि इसे छोटे हार्डवेयर पर भी आसानी से चलाया जा सकता है, जो इसे छोटे व्यवसायों और शोधकर्ताओं के लिए भी सुलभ बनाता है.

विज्ञापन

DeepSeek AI: 20 जनवरी 2024 को लॉन्च हुए चीन निर्मित डीपसीक एआई मॉडल के नवीनतम संस्करण आर1 ने तकनीकी दुनिया में हलचल मचा दी है. अब ओपन सोर्स और किफायती तरीके से उपलब्ध इस एआई मॉडल को लेकर निवेशकों और विशेषज्ञों में भारी उत्साह है. डीपसीक ने एआई उद्योग में नये मानक स्थापित किये हैं और यह ऐपल स्टोर में सबसे अधिक डाउनलोड किये जाने वाले ऐप्स में शामिल हो गया है.

डीपसीक ने बढ़ाई चिंता

डीपसीक का आर1 मॉडल व्यवसाय जगत के लिए भी बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है. सोमवार (27 जनवरी) को एनवीडिया जैसी चिप निर्माण दिग्गज कंपनी को लगभग 600 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. यह घटना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका ने चीन को उन्नत चिप्स की आपूर्ति पर कई प्रतिबंध लगाये हैं.

सस्ता और प्रभावी : डीपसीक का ओपन सोर्स मॉडल

डीपसीक का प्रमुख आकर्षण इसका ओपन सोर्स होना है, जो अन्य एआई मॉडल्स की तुलना में 95 प्रतिशत सस्ता है. इसकी एक और खासियत यह है कि इसे छोटे हार्डवेयर पर भी आसानी से चलाया जा सकता है, जो इसे छोटे व्यवसायों और शोधकर्ताओं के लिए भी सुलभ बनाता है. एपीआई की कीमत सिर्फ 0.55 डॉलर प्रति मिलियन टोकन है, जो ओपन एआई के मुकाबले बहुत कम है.

चीन के तकनीकी वर्चस्व को बढ़ावा

डीपसीक की सफलता ने चीन के तकनीकी क्षेत्र को मजबूती दी है और इससे अमेरिका की एआई प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता को चुनौती मिली है. यह मॉडल अमेरिकी चिप निर्माताओं और एआई कंपनियों के लिए एक गंभीर चुनौती साबित हो सकता है, क्योंकि इसका प्रशिक्षण कम लागत पर संभव है और यह उच्च गुणवत्ता वाले परिणाम प्रदान करता है.

निवेशकों के लिए नई संभावना

वर्तमान में, डीपसीक एक निजी स्वामित्व वाली कंपनी है, जिससे यह आम निवेशकों के लिए उपलब्ध नहीं है. लेकिन चीन सरकार की ओर से इसे मिले समर्थन और डीपसीक के द्वारा प्रदान की गई किफायती तकनीक को देखते हुए, यह भविष्य में अन्य देशों के उद्यमियों के लिए भी एक नयी उम्मीद बन सकता है.

क्या डीपसीक अमेरिका के लिए खतरा बनेगा?

डीपसीक की सफलता ने तकनीकी दुनिया में नये सवाल खड़े किए हैं, खासकर उन प्रतिबंधों के संदर्भ में जो अमेरिका ने चीन के खिलाफ लागू किये हैं. क्या यह कम लागत वाला एआई मॉडल, जो आसानी से उपलब्ध है, एआई उद्योग के परंपरागत खिलाड़ियों के लिए खतरा बनेगा? यह सवाल भविष्य में एआई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन सकता है.

DeepSeek: चीन के छोटे स्टार्टअप ने सिलिकॉन वैली में कैसे मचाया तूफान? पस्त हो गई दिग्गज अमेरिकी कंपनियां

MAAIA: आर्ट और टेक्नोलॉजी का मेल, भारत की पहली AI सिंगर से मिलिए

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola