Amazon ने ठान लिया: अब कोडिंग में कोई बाहर का AI नहीं चलेगा, सिर्फ अपना Kiro
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 25 Nov 2025 5:32 PM
अमेजन में चलेगा केवल किरो एआई का सिक्का
Amazon Kiro AI: अमेजन ने अपने इंजीनियरों को दिया आदेश- कोडिंग में सिर्फ अपना AI टूल किरो इस्तेमाल करें. कोपायलट समेत बाहर के सभी टूल बैन. इंटर्नल मेमो लीक!
Amazon Kiro AI: अमेजन ने अपने इंजीनियरों को साफ-साफ हिदायत दे दी है- अब से कोड लिखने के लिए सिर्फ कंपनी का अपना AI टूल किरो इस्तेमाल होगा, बाहर के किसी टूल को जगह नहीं मिलेगी. यह बात एक आंतरिक मेमो से सामने आई है.
कंपनी के अंदर सख्ती की वजह
मेमो में लिखा है कि किरो को प्राथमिकता देने से डेटा सिक्योरिटी बढ़ेगी, लागत कम होगी और AWS के साथ बेहतर इंटीग्रेशन मिलेगा. कर्मचारियों को कहा गया है कि GitHub Copilot, Cursor जैसे टूल्स अब इस्तेमाल न करें.
किरो कौन सा जादू करता है?
किरो अमेजन का इन-हाउस कोडिंग असिस्टेंट है, जो कोड जेनरेट करने के साथ-साथ रिफैक्टरिंग, डिबगिंग और डॉक्यूमेंटेशन भी अपने आप कर देता है. कंपनी दावा करती है कि यह प्रतिद्वंद्वियों से तेज और सस्ता है.
बाहर वालों को झटका
इस कदम से माइक्रोसॉफ्ट का Copilot, गूगल का Gemini Code Assist और दूसरे AI टूल्स को अमेजन के 3 लाख से ज्यादा इंजीनियरों का बड़ा बाजार खिसकने वाला है.
आगे का प्लान क्या है?
रिपोर्ट्स की मानें, ताे जल्द ही किरो को AWS कस्टमर्स के लिए भी लॉन्च किया जाएगा, ताकि बाहर के डेवलपर्स भी अमेजन के इकोसिस्टम में पैक हो जाएं, और किसी एआई टूल के जरिये कंपनी के पॉलिसी मैटर्स बाहर न जाने पाएं.
Spotify Wrapped से पहले आया YouTube का Recap 2025, Gemini AI ने बदल दिया खेल
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










