Online Fraud: ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी यह खबर आपको कर देगी हैरान, कहीं आप भी तो नहीं बने शिकार
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 03 May 2023 6:08 PM
सर्वे में 23 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे क्रेडिट या डेबिट कार्ड धोखाधड़ी का शिकार बने. वहीं, 13 प्रतिशत का कहना था कि उन्हें खरीद, बिक्री और वर्गीकृत साइट उपयोगकर्ताओं द्वारा धोखा दिया गया.
Online Fraud: लगभग 39 प्रतिशत भारतीय परिवार पिछले तीन साल के दौरान ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार बने हैं. इनमें से सिर्फ 24 प्रतिशत को ही उनका पैसा वापस मिल पाया है. लोकलसर्किल्स की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.
सर्वे में 23 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे क्रेडिट या डेबिट कार्ड धोखाधड़ी का शिकार बने. वहीं, 13 प्रतिशत का कहना था कि उन्हें खरीद, बिक्री और वर्गीकृत साइट उपयोगकर्ताओं द्वारा धोखा दिया गया.
Also Read: Cyber Fraud से बचाने में TrueCaller की मदद लेगी पुलिस, ये है प्लान
सर्वे के अनुसार, 13 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वेबसाइट द्वारा उनसे पैसा ले लिया गया, लेकिन प्रोडक्ट नहीं भेजा गया. 10 प्रतिशत ने कहा कि वे एटीएम कार्ड धोखाधड़ी का शिकार बने. अन्य 10 प्रतिशत ने कहा कि उनके साथ बैंक अकाउंट धोखाधड़ी की गई. वहीं 16 प्रतिशत ने बताया कि उनको कुछ अन्य तरीके अपनाकर चूना लगाया गया.
सर्वे में शामिल 30 प्रतिशत परिवारों में से कोई एक सदस्य वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार बना है. वहीं, नौ प्रतिशत ने कहा कि उनके परिवार के कई सदस्य इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार बने. 57 प्रतिशत का कहना था कि वे और उनके परिवार का कोई भी सदस्य इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार बनने से बच गए. चार प्रतिशत ने इस बारे में स्पष्ट रूप से अपनी राय नहीं बतायी.
Also Read: 10 दिनों में वापस पा सकते हैं बैंक फ्रॉड में गंवाई 90% रकम, जानिए कैसे
लोकलसर्किल्स के इस सर्वे में देश के 331 जिलों के 32,000 लोगों की राय ली गई. इनमें 66 प्रतिशत पुरुष और 34 प्रतिशत महिलाएं थीं. सर्वे में शामिल 39 प्रतिशत लोग पहली श्रेणी के शहरों से, 35 प्रतिशत दूसरी श्रेणी और 26 प्रतिशत तीसरी और चौथी श्रेणी के शहरों और ग्रामीण जिलों के थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










