Tech Tips: आपका बच्चा फोन पर कहीं उल्टी-सीधी चीजें तो नहीं देखता? ऐसे करें कंट्रोल

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 20 Jun 2023 4:51 PM

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how to set parental controls on google - अगर आपका बच्चा भी जरूरत से ज्यादा फोन देखता है, तो गूगल प्ले के इन फीचर्स का इस्तेमाल कर आप अपने बच्चों की डिवाइस पर कंट्रोल रख सकते हैं.

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How To Control Kids Phone – इन दिनों अधिकांश पेरेंट्स की यह शिकायत होती है कि उनका बच्चा दिनभर मोबाइल से चिपका रहता है. हालांकि, इसकी वजह खुद पेरेंट्स भी हैं, जो हर वक्त मोबाइल में व्यस्त रहते हैं और परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने की बजाय मोबाइल पर एंटरटेनमेंट का बहाना ढूंढते रहते हैं. यही नहीं, बच्चों को कई पेरेंट्स कम उम्र में ही मोबाइल हाथ में पकड़ा देते हैं और बाद में जब बच्चों की इसकी आदत लग जाती है, तो वे छुड़ाने के लिए सख्ती बरतने लगते हैं. ऐसे में घर का माहौल तो खराब होता ही है, बच्चे छिप-छिप कर मोबाइल का प्रयोग करने लगते हैं. अगर आपका बच्चा भी जरूरत से ज्यादा फोन देखता है, तो गूगल प्ले के इन फीचर्स का इस्तेमाल कर आप अपने बच्चों की डिवाइस पर कंट्रोल रख सकते हैं.

कंटेंट फिल्टरिंग

इंटरनेट पर कई ऐसे अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट मौजूद हैं, जो बच्चों के व्यक्तित्व को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में गूगल पेरेंट्स को प्ले स्टोर पर जितना भी कंटेंट है, उसे फिल्टर कर सेटअप करने की अनुमति देती है. माता-पिता अपने बच्चे की उम्र के आधार पर फिल्टर को कस्टमाइज कर पायेंगे. इससे बच्चे अपनी उम्र के हिसाब से ही कंटेंट देखेंगे.

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ऐप अप्रूवल

गूगल प्ले पर ऐप अप्रूवल एक ऐसा फीचर है जो माता-पिता के काफी काम आ सकता है. इसके जरिये बच्चे जो भी ऐप इंस्टॉल करने वाले होते हैं उनका रिव्यू, एक्सेप्ट और रिजेक्ट का नोटिफिकेशन माता-पिता के पास जाता है. इसके साथ माता-पिता उन ऐप्स पर कंट्रोल कर सकते हैं, जिन्हें बच्चा ऐक्सेस कर रहा है.

पर्चेज अप्रूवल

आमतौर बच्चे गूगल प्ले स्टोर से बेवजह कई सारे ऐप्स और गेम डाउनलोड करते रहते हैं. पैरेंट्स को भी पता नहीं चल पाता है कि उनके बच्चे मोबाइल पर कौन-कौन से गेम परचेज कर रहे हैं. ऐसे में गूगल प्ले का परचेज रिक्वेस्ट फीचर पेरेंट्स के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है. बच्चे के अकाउंट में किसी भी तरह की खरीदारी को माता-पिता रिजेक्ट कर सकते हैं.

पासवर्ड प्रोटेक्शन

गूगल प्ले अकाउंट पर पासवर्ड या पिन सेट करना बेहद जरूरी है. इससे बच्चे पैरेंटल कंट्रोल सेटिंग में कोई छेड़छाड़ नहीं कर पाएंगे. दरअसल, पासवर्ड प्रोटेक्शन एक सिक्योरिटी प्रॉसेस है जो कंप्यूटर या मोबाइल के जरिये सुलभ जानकारी की सुरक्षा करती है. यह सिर्फ अधिकृत पासवर्ड वाले को जानकारी तक पहुंचने की अनुमति देती है.

गूगल प्ले फैमिली लाइब्रेरी

यह एक कमाल का फीचर है, जो हर माता-पिता को इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. इससे आप बच्चे जो कंटेंट देख रहे हैं या फिर डाउनलोड कर रहे हैं, उस पर नजर रख पायेंगे. अगर आप किसी फैमिली ग्रुप में शामिल नहीं हैं, तो सबसे पहले आपको एक फैमिली ग्रुप बनाना होगा. इसके लिए सबसे पहले गूगल प्ले ऐप्लिकेशन खोलें. फिर ऊपर दायीं ओर प्रोफाइल आइकॉन पर टैप करें. उसके बाद सेंटिंग में जायें और फैमिली पर क्लिक करने के बाद फैमिली लाइब्रेरी के लिए साइन अप पर टैप करें. उसके बाद स्क्रीन पर दिये गये निर्देशों का पालन करें. इस फीचर के माध्यम से गूगल प्ले से खरीदे गये ऐप्लिकेशन, गेम, फिल्में, टीवी शो पर नजर रख सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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