शिक्षक नियुक्ति मामला : अयोग्य को दे दी नौकरी ? हाइकोर्ट ने लगाई फटकार

Edited by Amitabh Kumar
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कलकत्ता हाइकोर्ट

Teacher Appointment Case : पश्चिम बंगाल में योग्य की जगह अयोग्य अभ्यर्थियों को नौकरी देने का आरोप लगा है. हाइकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षा पर्षद से रिपोर्ट मांगी.

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Teacher Appointment Case : कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने गुरुवार को राज्य के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई के दौरान प्राथमिक शिक्षा पर्षद को जमकर फटकार लगायी. अभ्यर्थियों ने प्राथमिक शिक्षा पर्षद पर जानकारी छिपाने और योग्य लोगों को नौकरी से वंचित करने तथा अयोग्य लोगों को नौकरी देने के गंभीर आरोप लगाये हैं.

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विश्वजीत बसु की पीठ ने कहा कि परीक्षा में अधिक नंबर पाने वाले 500 अभ्यर्थियों की बजाय उनसे कम नंबर पाने वाले अभ्यर्थियों को क्यों नौकरी दी गयी. न्यायाधीश ने कहा कि आप (प्राथमिक शिक्षा पर्षद) उन लोगों को योग्यता सूची में रखकर नौकरी देने का प्रस्ताव कैसे दे सकते हैं जो योग्य नहीं हैं? अदालत ने पर्षद से इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.

शिक्षक नियुक्ति मामला क्या है ?

राज्य में वाम मोरचा के कार्यकाल के दौरान 2009 में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू हुई. इसके लिए लिखित परीक्षा 2011 में आयोजित की गयी थी. लेकिन बाद में राज्य सरकार ने उक्त लिखित परीक्षा रद्द कर दी. इसके बाद 18 मार्च 2014 को पुनः लिखित परीक्षा आयोजित की गयी. फिर 11 नवंबर 2014 को उत्तर 24 परगना प्राथमिक शिक्षा पर्षद ने साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू की. इसे लेकर हाइकोर्ट के न्यायाधीश राजशेखर मंथा की बेंच में मामला दायर किया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने पर्षद द्वारा प्रस्तुत सूची के आधार पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति का आदेश दिया. लेकिन इसके बाद अभ्यर्थियों ने पर्षद पर जानकारियां छिपाने का आरोप लगाते हुए हाइकोर्ट में याचिका दायर किया.

इस संबंध में करीब 500 अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता आशीष कुमार चौधरी ने अदालत में मामला दायर किया. उन्होंने अदालत को बताया कि इन 500 अभ्यर्थियों के उच्च अंक होने के बावजूद उन्हें मेरिट सूची में शामिल नहीं किया गया और उनकी जगह पर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दी गयी. अब अदालत ने मामले में प्राथमिक शिक्षा पर्षद से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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