पंचायत ने कटवाये पेड़, ग्रामीण उतरे विरोध में

Updated at :11 May 2017 7:44 AM
विज्ञापन
पंचायत ने कटवाये पेड़, ग्रामीण उतरे विरोध में

जलपाईगुड़ी. राजगंज ब्लॉक की शिकारपुर ग्राम पंचायत के कुंदरदिघी इलाके में सौ से अधिक पेड़ काटे जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है. लोगों का आरोप है कि वन विभाग की अनुमति के बिना पेड़ काटे गये हैं. ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों के विरोध के चलते ठेकेदार काटे गये पेड़ों को ले नहीं जा […]

विज्ञापन
जलपाईगुड़ी. राजगंज ब्लॉक की शिकारपुर ग्राम पंचायत के कुंदरदिघी इलाके में सौ से अधिक पेड़ काटे जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है. लोगों का आरोप है कि वन विभाग की अनुमति के बिना पेड़ काटे गये हैं. ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों के विरोध के चलते ठेकेदार काटे गये पेड़ों को ले नहीं जा पाये. हालांकि ग्राम पंचायत की ओर से दावा किया गया है कि उसके पास पेड़ों की कटाई का वन विभाग का अनुमति पत्र मौजूद है.

शिकारपुर ग्राम पंचायत के रहनेवाले हेमंत राय और निर्मल राय ने बताया कि गत 2 मई को शिकारपुर ग्राम पंचायत का टेंडर पत्र लेकर स्थानीय ठेकेदार ने कुंदरदिघी के किनारे लगे शीशम, गम्हार, सागौन, महोगनी आदि के करीब 118 पेड़ों को काटना शुरू किया. 6 मई तक सभी पेड़ों को काट डाला गया. लेकिन ग्रामीणों ने वन विभाग का अनुमति पत्र दिखाये बिना कटे पेड़ों को ले जाने से ठेकेदार को रोक दिया. अन्य ग्रामीणों मिठू राय और रतन राय ने कहा कि कुंदरदिघी बहुत पुराना दिघी है. इसके किनारे काफी पेड़ लगे हुए थे, जो कम से कम 25-30 साल पुराने थे. इन पेड़ों पर अनेक पक्षियों का बसेरा था. पेड़ों के कटने से इन पक्षियों का बसेरा नष्ट हो गया. दिघी के किनारे अनेक तरह के सांप और कीड़े-मकोड़े रहते थे, उनका भी पर्यावास नष्ट हो गया है. यह पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है, इसिलए हम लोग पेड़ काटने का विरोध कर रहे हैं.

स्थानीय निवासी पूर्णिमा राय और कुश सिंह राय ने बताया कि उन लोगों ने पंचायत भवन जाकर वन विभाग का अनुमति पत्र दिखाने को कहा, लेकिन कोई पत्र नहीं दिखा पाया. पंचायत की ग्रामसभा में पेड़ों की कटाई का कोई फैसला नहीं हुआ था. इस बारे में पर्यावरण प्रेमी संगठनों के संयुक्त मंच के सदस्य विश्वजीत दत्त चौधरी ने कहा कि वन विभाग की ओर से कोई अनुमति पत्र जारी नहीं किया गया है. इसके अलावा एक पेड़ काटने पर पांच पेड़ लगाने का नियम है. इसके लिए भी ग्राम पंचायत की ओर से कोई पहल नहीं की गयी है. इस बारे में पूछे जाने पर राजगंज थाने के ओसी सैकत भद्र ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही. वहीं बैकुंठपुर वन विभाग के डीएफओ उमा रानी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में इलाके की जिम्मेदारी संभाली है. उन्होंने खुद तो किसी को कोई अनुमति पत्र नहीं दिया है, लेकिन किसी रेंज ऑफिस से पत्र जारी हुआ है कि नहीं, यह देखना होगा.

शिकारपुर ग्राम पंचायत के प्रधान कल्याण होड़ ने बताया कि सन 1983 में कुंदरदिघी के किनारे ये पेड़ ग्राम पंचायत की ओर से लगवाये गये थे. तालाब के किनारे कुछ लोग गंदगी करके उसके पानी को दूषित कर रहे हैं. इसलिए वन विभाग से अनुमति लेकर पंचायत ने पेड़ों को कटवाया है. कुंदरदिघी के किनारे चार स्वयं सहायता समूहों को तेज पत्ता की खेती की अनुमति देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जायेगा. पर्यावरण रक्षा के लिए और भी पेड़ तालाब के किनारे लगाये जायेंगे. नियमानुसार छह लाख रुपये में टेंडर करके पेड़ों को कटवाया गया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola