बुद्ध पूर्णिमा: पहाड़ पर भी हुआ भव्य आयोजन, बुद्धं शरणं गच्छामि मंत्रोच्चार से गूंज उठा सिलीगुड़ी

Updated at :11 May 2017 7:44 AM
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बुद्ध पूर्णिमा: पहाड़ पर भी हुआ भव्य आयोजन, बुद्धं शरणं गच्छामि मंत्रोच्चार से गूंज उठा सिलीगुड़ी

सिलीगुड़ी/दार्जिलंग. बुद्ध पूर्णिमा के मद्देनजर बुधवार को देश-दुनिया के साथ ही सिलीगुड़ी सहित दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र और डुवार्स में भी दिनभर बुद्धं.. शरणं.. गच्छामी… मंत्रोच्चार गूंजता रहा. भगवान बुद्ध की 2561वीं जयंती के उपलक्ष पर विभिन्न बौद्ध धार्मिक संस्थाओं की ओर से सिलीगुड़ी के विभिन्न इलाकों में अलौकिक सजीव झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली गयी. […]

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सिलीगुड़ी/दार्जिलंग. बुद्ध पूर्णिमा के मद्देनजर बुधवार को देश-दुनिया के साथ ही सिलीगुड़ी सहित दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र और डुवार्स में भी दिनभर बुद्धं.. शरणं.. गच्छामी… मंत्रोच्चार गूंजता रहा. भगवान बुद्ध की 2561वीं जयंती के उपलक्ष पर विभिन्न बौद्ध धार्मिक संस्थाओं की ओर से सिलीगुड़ी के विभिन्न इलाकों में अलौकिक सजीव झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली गयी. इन शोभायात्राओं में पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर बौद्ध धर्म के लोग शामिल हुए.

वहीं, बुद्ध जयंती आयोजक कमेटियों की ओर से सिलीगुड़ी व आसपास के समस्त बुद्ध मंदिर व गुंफाओं को दुल्हन की तरह सुसज्जित किया गया .भगवान बुद्ध के दरबार को भी भव्य तरीके से सजाया गया. आज बौद्ध मंदिरों में भगवान बुद्ध के अनुयायियों का दिनभर तांता लगा रहा.

सिलीगुड़ी बौद्ध एसोसिएशन के बैनर तले शहर के तीन नंबर वार्ड के गुरूंग बस्ती मोड़ स्थित बुद्ध मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गयी. एसोसिएशन के महासचिव एमके लामा ने बताया कि यह शोभायात्रा गुरूंग बस्ती, प्रधाननगर, हिलकार्ट रोड, एयरव्यू मोड़, सेवक मोड़, हाशमी चौक व शहर के अन्य प्रमुख मार्गों का परिभ्रमण कर वापस मंदिर में पहुंची और धार्मिक कार्यक्रमों में तब्दील हो गयी. वहीं, सिलीगुड़ी से सटे सालबाड़ी स्थित त्रिरत्न बुद्धिश्ट मॉनेस्ट्री से भी विशाल रंगारंग शोभायात्रा निकाली गयी. इस शोभायात्रा ने भगवान बुद्ध के भव्य दरबार व अन्य अलौकिक झांकियों के साथ मेथीबाड़ी, दागापुर, पंचनयी नदी, दार्जिलिंग मोड़ की परिक्रमा की. मॉनेस्ट्री प्रबंधन कमेटी के सचिव नीरज तामांग ने बताया कि शोभायात्रा वापस मॉनेस्ट्री में पहुंचकर धर्म सभा और धार्मिक कार्यक्रमों में तब्दील हो गयी. धर्म सभा के दौरान धर्मगुरूओं ने भगवान बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डाला और उनकी कृति व उपलब्धियों से सभी को रूबरू कराया. इसके अलावा दाजू-बहिनी कला केंद्र की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. जिसके तहत बौद्ध समाज के युवक-युवतियों ने अंगुलीमाल डाकू नामक नाटक का मंचन भी किया. इनके अलावा सालूगाड़ा स्थित गुंफा, सेवक रोड के शांति नर्सिंग होम के पास स्थित गुंफाओं व अन्य बौद्ध मंदिरों से भी शोभायात्राएं निकाली गयी और दिनभर धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ.इधर,अन्य क्षेत्रों की तरह ही पहाड़ की रानी दार्जिलिंग में आज सुबह से ही बुद्धं, शरणं, गच्छामी की गूंज सुनायी दी.

हरेक साल की तरह ही भगवान बुद्ध की जयन्ती पर यहां बुद्ध की प्रतिमा एंव बौद्ध धर्म ग्रन्थों के साथ विराट शोभा यात्रा निकाली गयी. तामांग गुम्बा,डाली गुम्बा,आलुबारी गुम्बा आदि क्षेत्रों से विराट शोभा यात्रा निकाली गयी,जिसमें भारी संख्या में भक्त शामिल हुए.जलपाईगुड़ी से हमारे संवाददाता के अनुसार यहां भी आज भब्य शोभायत्रा निकाली गयी. मिरिक से दो बौद्ध भिक्षु विशेष रूप से यहां पूजा कराने आये थे. दीचेन छाउलिंग गुम्फा के अध्यक्ष वीरेन्द्र लामा ने कहा कि वर्ष 2000 में यहां इस गुम्फा की स्थापना के बाद से ही भब्य रूप से बुद्ध जयंती मनायी जा रही है.
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