एक जून से शालीमार यार्ड में बीसीएन वैगन पर रोक
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :10 May 2017 9:51 AM
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हावड़ा: दक्षिण पूर्व रेलवे अंतर्गत शालीमार रेल यार्ड में एक जून से बीसीएन वैगन के आने पर रोक लगाने का फैसला किया गया है. बीसीएन वैगन के तहत सीमेंट, दूध, नमक, तेल, सोडा सहित अन्य सामान एक जून से यहां नहीं उतरेंगे. यहां के क्षेत्रीय प्रबंधक ने यह जानकारी नोटिस के जरिये दी है. इस […]
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हावड़ा: दक्षिण पूर्व रेलवे अंतर्गत शालीमार रेल यार्ड में एक जून से बीसीएन वैगन के आने पर रोक लगाने का फैसला किया गया है. बीसीएन वैगन के तहत सीमेंट, दूध, नमक, तेल, सोडा सहित अन्य सामान एक जून से यहां नहीं उतरेंगे. यहां के क्षेत्रीय प्रबंधक ने यह जानकारी नोटिस के जरिये दी है. इस सूचना से यहां के ट्रांसपोटरों में भारी रोष है.
उनका कहना है कि रेलवे के इस फैसले से ट्रांसपोर्टरों को भारी नुकसान होगा, जबकि हजारों की संख्या में मजदूर बेरोजगार होंगे. शालीमार रेल यार्ड भारत का सबसे बड़ा रेल यार्ड माना जाता है. पांच मई को यह नोटिस जारी किया गया है. रेलवे की ओर से यह नोटिस जारी कर दिया गया है. रेलवे के इस फैसले के खिलाफ शालीमार हावड़ा डिस्ट्रिकट लॉरी एंड टेंपो एसोसिएशन ने आंदोलन करने की धमकी दी है. एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि सिर्फ सीमेंट ही नहीं, बल्कि दूध, कपड़ा, तेल, फूड ग्रेन, नमक, सोडा सहित अन्य सामान अब इस रेल यार्ड में एक जून से नहीं उतरेंगे. रेलवे के इस फैसले से ट्रांसपोर्टर हताश हैं.
रेेलवे की ओर से रेल यार्ड के अंदर गोदामों को भी खाली करने का निर्देश दिया गया है. रेलवे की ओर से कहा गया है कि ये सभी सामान एक जून से संकराइल के आबादा रेल यार्ड में उतारे जायेंगे. हालांकि यहां के ट्रासपोर्टरों ने आबादा जाने से इनकार किया है. उनका कहना है कि आबादा रेल यार्ड में किसी तरह की बुनियादी सुविधा नहीं है. वहां सामान रखने के लिए गोदाम भी नहीं है. एेसी स्थिति में यह संभव ही नहीं है कि हम सभी ट्रांसपोर्टर यहां से आबादा जायें.
रेलवे के फैसले से ट्रांसपोर्टर अवाक
शालीमार हावड़ा डिस्ट्रिकट लॉरी एंड टेंपो एसोसिएशन के महासचिव वीरेंद्र सिंह ने कहा कि रेलवे के इस फैसले से हम ट्रांसपोर्टर अवाक हैं. एक जून से बीएसएन वैगन के अंतर्गत आनेवाला कई सामानों के उतारने में रोक लगायी गयी है. आबादा रेल यार्ड में ये सभी सामान अनलोडिंग करने का प्रस्ताव दिया गया है. आबादा में किसी भी तरह की बुनियादी सुविधा नहीं है. वहां पेयजल नहीं है. लाइट की सुविधा नहीं है. गाड़ियों के लिए पार्किंग की जगह नहीं है. कुछ ही दिनों बाद बरसात आनेवाला है. बरसात के मौसम में हम सबों का बुरा हाल होगा. एसोसिएशन इस फैसले का विरोध करता है. हमलोग आंदोलन पर उतरेंगे.
350 करोड़ रुपये की लागत से शालीमार कोचिंग टर्मिनल बनने जा रहा है. यहां नया स्टेशन बिल्डिंग, नया प्लेटफार्म, फ्लाई ओवर के साथ बहुत कुछ बनेगा. यही कारण है कि एक जून से शालीमार रेल यार्ड में अनलोडिंग रोकने का निर्णय लिया गया है. जब तक यहां काम चलेगा, आबादा रेल यार्ड में अनलोडिंग करने का फैसला लिया गया है.
संजय घोष, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, दपूरे
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