पूजा परिक्रमा: पचासवें साल में संघश्री क्लब ने की खास तैयारी

Published at :22 Sep 2016 7:33 AM (IST)
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पूजा परिक्रमा: पचासवें साल में संघश्री क्लब ने की खास तैयारी

सिलीगुड़ी. इस बार का दुर्गोत्सव सिलीगुड़ी संघश्री क्लब के लिये खास है. इस क्लब द्वारा दुर्गोत्सव आयोजन का यह 50वां साल है. संघश्री क्लब ने अपने स्थापना की स्वर्ण जयंती मनाने की पूरी तैयारी कर ली है. इस बार के दुर्गोत्सव को खास बनाने के लिये एक थीम तैयार किया गया है. इसकी जिम्मेदारी सत्यशीव […]

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सिलीगुड़ी. इस बार का दुर्गोत्सव सिलीगुड़ी संघश्री क्लब के लिये खास है. इस क्लब द्वारा दुर्गोत्सव आयोजन का यह 50वां साल है. संघश्री क्लब ने अपने स्थापना की स्वर्ण जयंती मनाने की पूरी तैयारी कर ली है. इस बार के दुर्गोत्सव को खास बनाने के लिये एक थीम तैयार किया गया है. इसकी जिम्मेदारी सत्यशीव सेनगुप्ता को दी गयी है. दुर्गोत्सव थीम और क्लब के स्वर्ण जयंती वर्ष को मिलाकर उन्होंने ने एक विशेष संगीत तैयार किया है. ‘सोनाली एई शैशव ए फूल परी आज कोई आसे, रूप कथार ई गल्प सोनाई सोना झरा पंचासे’ को पूजा से पहले लोकप्रिय बनाने की पूरी तैयारी कर ली गयी है.

इसके अलावा इस बार संघश्री क्लब ने बच्चों को आकर्षित करने की एक विशेष योजना बनायी है. क्लब के सचिव सुब्रत मुखर्जी ने बताया कि पूजा आयोजन के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक खास थीम पर पूजा मंडप तैयार किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया है कि इस मंडप में प्रवेश करते ही बच्चों से लेकर बड़े तक सपनों की दुनिया में खो जायेंगे. श्री मुखर्जी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बच्चे अपने शैशवकाल में दो तरह के सपनों की दुनिया सजाते हैं.

कभी भूत-प्रेत और डरावने सपनों में खोये रहते हैं तो कभी गगन में परियों के बीच अपना सुखद जीवन देखते हैं. बच्चों के इसी फुल,परियों और आत्म विभोर करने वाले सपनो को वास्तविक रूप में दिखाये जाने की योजना बनाई गयी है. संघश्री के पूजा मंडप में प्रवेश कर बच्चे कुछ देर के लिये सपनो की दुनिया जरूर खो जायेगे. इसके लिये दक्षिण बंगाल के मेदनीपुर स्थित काथी के कारीगरों को बुलाया गया है. हालांकि थीम बनाने वाले सिलीगुड़ी के ही हैं. उन्होंने ने ही पूरी योजना बनाइ है. पूजा मंडप तैयार करने के लिये लोहा, बांस, लकड़ी के बटाम, रेक्सीन, पारदर्शक पाइप, चमकीली जाली आदि का प्रयोग किया जा रहा है. पूजा मंडप को तैयार करने का कार्य जून महीने से ही शुरू हो गया था.

काफी बारीक कारीगरी का काम करीब समाप्त हो चुका है. पूजा पंडाल का भीतरी भाग फुल और परियों से सजा रहेगा. पूजा पंडाल के साथ सामंजस्य रखकर ही देवी दुर्गा की प्रतिमा भी तैयार की जा रही है. देवी की प्रतिमा कोलकाता के कारीगर गौतम पाल बना रहे हैं. पूजा मंडप में प्रवेश करते ही दर्शक एक अलग दुनिया का अनुभव करेगें. स्वर्ण जंयती वर्ष के उपलक्ष्य में इस बार कुल बीस लाख रूपये का बजट रखा गया है. क्लब के सदस्य संदीपन नाथ व अन्य सदस्य स्वर्ण जंयती वर्ष को सफल बनाने के लिये कड़ी मेहनत कर रहे है. इसके अतिरिक्त दर्शकों की सुरक्षा व्यवस्था के लिये पूजा मंडप के बाहर व भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. पुलिस बल के अतिरिक्त क्लब के सदस्य भी दर्शकों की सहायता के लिये वोलेंटियर के रूप में मौजूद रहेंगे.

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