सिक्किम के इलायची किसान परेशान

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सिलीगुड़ी : पड़ोसी राज्य सिक्किम में बड़े पैमाने पर इलायची की खेती होती है परंतु आजकल यहां के इलायची किसान विभिन्न समस्याओं को लेकर काफी परेशान हैं. खासकर इलायची के पौधे में कीट लगने तथा पौधों के खराब हो जाने की समस्या सबसे बड़ी है. आरोप है कि इंडियन कार्डमोम रिसर्च इंस्टीच्यूट (आईसीआरआई) के रिजनल […]

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सिलीगुड़ी : पड़ोसी राज्य सिक्किम में बड़े पैमाने पर इलायची की खेती होती है परंतु आजकल यहां के इलायची किसान विभिन्न समस्याओं को लेकर काफी परेशान हैं. खासकर इलायची के पौधे में कीट लगने तथा पौधों के खराब हो जाने की समस्या सबसे बड़ी है.
आरोप है कि इंडियन कार्डमोम रिसर्च इंस्टीच्यूट (आईसीआरआई) के रिजनल रिसर्च स्टेशन द्वारा इलायची किसान को उचित सहायता नहीं करायी जाती. यह रिसर्च स्टेशन सिक्किम की राजधानी गंगतोक में है. इस रिसर्च इंस्टीच्यूट की स्थापना वर्ष 1981 में वर्तमान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने की थी. उस समय श्री मुखर्जी केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री थे. किसानों की समस्या को लेकर सिक्किम के सांसद पीडी राई ने केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण को एक चिट्ठी लिखी है. केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री को लिखी अपनी चिट्ठी में श्री राई ने कहा है कि इलायची के पौधों में तरह-तरह की बीमारी की वजह से उत्पादन पर असर पड़ रहा है. स्वाभाविक तौर पर इसका नुकसान इलायची किसानों को उठाना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा है कि इलायची किसानों की समस्या दूर करने के लिए आईसीआरआई द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने पत्र में आगे कहा है कि इस रिसर्च सेंटर में मात्र चार वैज्ञानिक काम कर रहे हैं. इलायची की खेती सिक्कि में बड़े पैमाने पर होती है. शुरू से लेकर अंत तक जैविक तरीके से इलायची की खेती की जाती है. सिक्किम के इलायची का विदेशों में भी निर्यात होता है. इसके साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों में भी यही से इलायची की आपूर्ति की जाती है.
उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा है कि गंगतोक में स्थित आईसीआरआई की क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार चार एकड़ जमीन भी उपलब्ध करा रही है. उन्होंने केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री से इलायची किसानों की समस्या दूर करने तथा आईसीआरआई की क्षमता बढ़ाने की मांग की है.
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