घुसपैठ का केंद्र बना तीनबीघा कॉरिडोर

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सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी शहर के निकट तीनबत्ती मोड़ से शुक्रवार को गिरफ्तार आठ बांग्लादेशियों ने पूछताछ के दौरान कई खुलासे किये हैं. इन बांग्लादेशियों को बीएसएफ की खुफिया विंग ने गिरफ्तार किया था. बीएसएफ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कूचबिहार जिले का तीनबीघा कॉरिडोर घुसपैठ का सबसे बड़ा केंद्र के रूप में उभर कर सामने […]

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सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी शहर के निकट तीनबत्ती मोड़ से शुक्रवार को गिरफ्तार आठ बांग्लादेशियों ने पूछताछ के दौरान कई खुलासे किये हैं. इन बांग्लादेशियों को बीएसएफ की खुफिया विंग ने गिरफ्तार किया था. बीएसएफ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कूचबिहार जिले का तीनबीघा कॉरिडोर घुसपैठ का सबसे बड़ा केंद्र के रूप में उभर कर सामने आया है. हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह तीनबीघा कॉरिडोर के दौरे पर आये थे. उन्होंने भी घुसपैठ पर चिंता जतायी थी. बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान भी उन्हें इस बात की जानकारी दी गयी थी.
गिरफ्तार बांग्लादेशियों से पूछताछ में नेटवर्क का खुलासा
इन गिरफ्तार आठ बांग्लादेशियों ने भी पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया है कि ये लोग तीनबीघा कॉरिडोर से भारतीय सीमा में प्रवेश कर गये थे. बीएसएफ सूत्रों ने बताया कि घुसपैठ को अंजाम देने के लिए सीमा क्षेत्र में दलालों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है. ये लोग 15 से 20 हजार रुपये लेकर बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय सीमा में प्रवेश करा देते हैं. तीनबीघा इलाके में एक बड़े भूभाग पर भारत-बांग्लादेशी सीमा पर कांटा तार का घेरा नहीं है.

इसी का फायदा उठा कर सक्रिय दलाल बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय सीमा में प्रवेश करा देते हैं. इनका काम सिर्फ इतने में ही खत्म नहीं हो जाता. कई बांग्लादेशी काफी पहले से ही भारतीय नागरिक बन कर रह रहे हैं. बांग्लादेशियों को सीमा पार कराने तथा भारत में कहीं भी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक पूरा नेटवर्क सक्रिय है. सिलीगुड़ी शहर में भी इस तरह के दलाल सक्रिय है. पूछताछ के दौरान इनलोगों ने बताया है कि सिलीगुड़ी शहर का इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में किया जाता है. बांग्लादेशियों को देश के दूसरे क्षेत्र में भेजने तथा उनको फिर से बुलाने के लिए सिलीगुड़ी शहर का इस्तेमाल किया जाता है. कल जिन आठ बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी हुई है, उसमें से ईमादुल आलम नामक व्यक्ति करीब 20 साल से सिलीगुड़ी के टिकिया पाड़ा में रह रहा था. वह यहां पर बांग्लादेशी घुसपैठ के पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था. बांग्लादेश से भारत में प्रवेश करनेवाले घुसपैठिये उससे संपर्क करते थे और वही उसे शरण देने का काम करता था. कल जो बांग्लादेशी गिरफ्तार हुए हैं, उसमें से सात बांग्लादेशी चेन्नई से काम कर लौट रहे थे और ईमादुल उसे एनजेपी स्टेशन लेने गया था.

बांग्लादेशियों को अपने घर में ठहराता था मास्टरमाइंड
पूछताछ में उसने बताया है कि वह सभी बांग्लादेशियों को अपने घर में रखता और मौका लगते ही इनलोगों को सीमा पार करा कर बांग्लादेश भेज देता. वह बांग्लादेशियों के लेनदेन के हिसाब-किताब रखने का भी काम करता है. खुफिया सूत्रों ने बताया है कि उससे पूछताछ के बाद इस बात का स्पष्ट संकेत मिला है कि वह देशभर में फैले कई बांग्लादेशियों के संपर्क में था. भारत में काम कर रहे बांग्लादेशी उसी के माध्यम से बांग्लादेश में अपने परिवारवालों को पैसे भेजने का काम करते थे. इस बीच सभी गिरफ्तार बांग्लादेशियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है. पुलिस का भी मानना है कि इस गिरोह के और भी कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है.
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