तृणमूल कांग्रेस के कई नेता निशाने पर

Updated:
विज्ञापन

सिलीगुड़ी : इस बार सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में भ्रष्टाचार भी एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनकर उभर रहा है. खासकर वाम मोरचा ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने का निर्णय लिया है. यही वजह है कि वाम मोरचा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में एसजेडीए घोटाले को प्रमुखता दी है. चुनावी घोषणा पत्र के […]

विज्ञापन

सिलीगुड़ी : इस बार सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में भ्रष्टाचार भी एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनकर उभर रहा है. खासकर वाम मोरचा ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने का निर्णय लिया है. यही वजह है कि वाम मोरचा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में एसजेडीए घोटाले को प्रमुखता दी है.

चुनावी घोषणा पत्र के शुरू में ही सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी डेवलपमेंट अर्थोरिटी (एसजेडीए) में कथित घोटाले को जोर-शोर से उठाया गया है. इसमें बताया गया है कि सत्ता परिवर्तन के बाद एसजेडीए में 200 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले हुए और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने घोटाले को दबाने की कोशिश की. घोषणा पत्र में तृणमूल कांग्रेस के किसी नेता का नाम लिये वगैर तृणमूल पर जमकर निशाना साधा गया है. घोषणा पत्र में बताया गया है कि एसजेडीए बोर्ड पर जब वाम मोरचा का कब्जा था तब शहर के विकास के लिए बड़े पैमाने पर धन राशि कोष में थी.

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद एसजेडीए बोर्ड पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा हो गया. वर्ष 2011 के जुलाई से 2013 तक एसजेडीए बोर्ड के चेयरमैन सहित कई सदस्य तृणमूल कांग्रेस के नेता रहे. इनमें से कुछ विधायक थे तो कुछ सत्तारूढ़ दल के जिला सभापति, जिला अध्यक्ष अथवा सिलीगुड़ी नगर निगम के तत्कालीन डिप्टी मेयर एवं काउंसिलर थे.

चुनावी घोषणा पत्र में कहा गया है कि एसजेडीए द्वारा गठित यादवपुर विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग अनुसंधान कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साफ-साफ बताया है कि बड़े पैमाने पर घोटाले हुए हैं. उस रिपोर्ट में कहा गया है कि वगैर टेंडर के ही कोटेशन के माध्यम से सभी ठेके कुछ पसंदीदा ठेकेदारों को दे दिये गये.

ऐसे ठेकेदारों ने वगैर कोई काम किये ही एसजेडीए से कार्य के बावत मोटी रकम का भुगतान प्राप्त कर लिया. घोषणा पत्र में आगे कहा गया है कि जितने भी कार्य आवंटित ेिकये गये उन सभी का अनुमोदन एसजेडीए के बोर्ड बैठक में की गई. ऐसे में बोर्ड के चेयरमैन तथा अन्य सदस्य अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते. चुनावी घोषणा पत्र में आगे कहा गया है कि बोर्ड के वर्तमान चेयरमैन ने इन सभी मामलों की जांच के लिए थाने में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया, लेकिन इस एफआईआर में मूल आरोपियों का ही नाम नहीं है.

यहां उल्लेखनीय है कि एसजेडीए के वर्तमान चेयरमैन उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव हैं. हालांकि उनके नाम की चर्चा तक चुनावी घोषणा पत्र में नहीं की गई है. चुनावी घोषणा पत्र में आगे कहा गया है कि एसजेडीए घोटाले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने जब तत्कालीन सीईओ की गिरफ्तारी की तो उन्हीं की छुट्टी कर दी गई. इससे जाहिर है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. वाम मोरचा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में एसजेडीए घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग एक बार फिर से दोहरायी है.

घोषणा पत्र में कहा गया है कि सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में यदि वाम मोरचा की जीत होती है, तो एसजेडीए घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जायेगा. इस संबंध में माकपा नेता तथा पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य का कहना है कि एसजेडीए के साथ-साथ सिलीगुड़ी नगर निगम में भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई है. तृणमूल कांग्रेस तथा कांग्रेस के काउंसिलरों की संपत्ति में अचानक कई गुणा की वृद्धि हुई है. इससे जाहिर है कि बड़े पैमाने पर यह लोग भ्रष्टाचार में लिप्त रहे. इसी वजह से इस बार नगर निगम चुनाव में भ्रष्टाचार को भी एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने का निर्णय वाम मोरचा ने लिया है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola