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बोनस की मांग पर शुरू किया आंदोलन

Updated at : 28 Sep 2019 2:05 AM (IST)
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बोनस की मांग पर शुरू किया आंदोलन

चाय बागान प्रबंधक कार्यालय के समक्षकिया प्रदर्शन 18 प्रतिशत नहीं बल्कि 19.30 फीसदी बोनस देने पर हुआ था समझौता नागराकाटा : डुआर्स के विभिन्न चाय बागानों में दूर्गा पूजा निकट होने के बावजूद बोनस समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. बोनस की मांग करते हुए चाय श्रमिक धरना और विक्षोभ प्रदर्शन कर आंदोलनरत […]

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चाय बागान प्रबंधक कार्यालय के समक्षकिया प्रदर्शन

18 प्रतिशत नहीं बल्कि 19.30 फीसदी बोनस देने पर हुआ था समझौता

नागराकाटा : डुआर्स के विभिन्न चाय बागानों में दूर्गा पूजा निकट होने के बावजूद बोनस समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. बोनस की मांग करते हुए चाय श्रमिक धरना और विक्षोभ प्रदर्शन कर आंदोलनरत हैं. शुक्रवार को बानारहाट थाना अन्तर्गत स्थित तोतापाड़ा चाय बागान में पूजा बोनस में कटौती के विरोध में जमकर प्रबंधन कार्यालय के समक्ष विक्षोभ प्रर्दशन किया. साथ ही नागराकाटा नया साईली चाय बागान, मेटली ब्लॉक स्थित साईली चाय बागान में पूजा बोनस की मांग करते हुए चाय श्रमिकों को आंदोलन करते हुए देखा गया.

तोतापाड़ा चाय बागान में चाय श्रमिकों ने सुबह सात बजे से 10 बजे तक चाय बागान में गेट मीटिंग का आयोजन करते हुए मालिक के फैसले का विरोध किया. श्रमिकों ने विक्षोभ प्रदर्शन के दौरान एक श्रमिक संगठन से मिलीभगत कर श्रमिकों को अंधेरा में रखकर मालिक से मिलकर संड़यंत्र करने का आरोप लगाते हुए श्रमिक संगठन के नेता के साथ हातापाई भी हुआ. परिस्थिति जटिल होता देख अन्य श्रमिक संगठनों ने नियत्रंण करते हुए श्रमिकों को शांत कराया.

मिली जानकारी के अनुसार चाय बागान में 18 प्रतिशत नहीं बल्कि 19.30 फीसदी बोनस देने पर समझौता हुआ था. लेकिन प्रबंधक की ओर से गुरुवार को 10 प्रतिशत बोनस देने की बात कहते हुए प्रबंधक कार्यालय में नोटिस लगाया गया था. समझौता के मुताबिक बोनस नहीं देने पर श्रमिकों ने जमकर प्रबंधक के विरोध में नारेबाजी करते हुए चाय श्रमिकों ने समझौता के मुताबिक बोनस देने की मांग की.

चाय श्रमिकों का आरोप है कि जबसे चाय बागान में यह मालिक आया है श्रमिकों पर शोषण और अत्यचार बढ़ गया है. पिछले साल का भी तीन प्रतिशत बोनस अभी बाकी है. फिर इस बार भी मालिक बोनस के समय में विभिन्नि प्रकार की समस्याएं बताकर बोनस देने से मुकर रहा है. हम किसी भी हालत में माननेवाले नहीं हैं. स्थानीय महिला चाय श्रमिक दुर्गी उरांव, मनिका सरकार, रुपा खड़का ने कहा कि पूरे वर्ष हमें कार्यभार करने के बाद बोनस दिया जाता है. पूजा में बोनस पर ही निर्भर रहते हैं.

अन्य चाय बागानों में 18.30 प्रतिशत कर बोनस दिया जा रहा है. लेकिन हमारे यहां 11.30 फीसदी देने पर समझौता हुआ है. उस पर भी मालिक 10 प्रतिशत देने पर अड़ा हुआ है. चाय बागान के श्रमिक संगठन तृणमूल कांग्रेस मजदूर यूनियन के सभापति कुमार मंगर ने बताया कि हमारे चाय बागान ने विगत तीन वर्षों से बोनस को लेकर झमेला हो रहा है. मालिक श्रमिकों का शोषण कर रहा है. समझौता के मुताबिक मालिक बोनस देने से मुकर रहा है. यह खेला बोनस के समय में प्रतिवर्ष होता है. हम श्रमिक संगठन श्रमिकों के साथ है. किसी अवस्था में हम कम बोनस लेने पर स्वीकार नहीं करेंगे.

सीपीआईएम समर्थित चाय बागान मजदूर यूनियन के यूनिट सचिव मुमताज अंसारी ने जब पूजा बोनस आता है तो मालिक इसी प्रकार नाटक करता है. यह पिछले छह सालों चलता आ रहा है. हम किसी भी अवस्था में समझौता नहीं करेंगे. हम श्रमिकों के हक और अधिकार के लिए श्रमिकों के साथ खड़े हैं. भारतीय टी वर्कस यूनियन सचिव अजय टोप्पो ने कहा कि जो समझौता हुआ है वह श्रमिकों को देना होगा. कुछ लोग हम मालिक के साथ मिलने का अफवाह चाय बागान में फैला रहे हैं. लेकिन यह झूठ खबर है. श्रमिकों के हक अधिकार के लिए हम सदैव मालिक से लड़ाई करेगें.

हम किसी भी अवस्था में माननेवाले नहीं हैं. तोतापाड़ा चाय बागान के सहायक प्रबंधक असित चटर्जी चाय बागान में बागान प्रबंधक नहीं है. बीते कल सोमवार को बोनस और तलब दिए जाने का बात थी. प्रबंधक कल से चाय बागान में नहीं हैं. मुझे बोनस और तलब पैसा लेने के लिए बाहर जाने को कहा गया है. श्रमिक आंदोलन कर रहे हैं, यह उनका गणतांत्रिक अधिकार है.

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