जलपाईगुड़ी : मीडिया के एक हिस्से में एक खबर प्रकाशित हुई है कि तृणमूल के जिलाध्यक्ष के पद पर किशन कल्याणी को मनोनीत किये जाने पर विचार चल रहा है. इसके बाद से ही जिला तृणमूल में नाराजगी के स्वर उभरने लगे हैं.
शुक्रवार को डुआर्स के नागराकाटा में जिला तृणमूल के 15 सांगठनिक ब्लॉक अध्यक्षों में से अधिकतर का मानना है कि अगर वास्तव में किशन कल्याणी को जिलाध्यक्ष बनाया जाता है तो तृणमूल की बुनियाद कमजोर पड़ सकती है.
ऐसे विचार रखने वालों में मुख्य रुप से जिला परिषद के मेंटर अमरनाथ झा और उप सभाधिपति दुलाल देवनाथ का नाम लिया जा रहा है जिन्होंने बैठक कर इस संभावित कदम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
हालांकि अभी तक दलीय आला-कमान ने सौरभ चक्रवर्ती को हटाकर उनकी जगह किशन कल्याणी को अध्यक्ष बनाये जाने पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है लेकिन ब्लॉक अध्यक्षों की प्रतिक्रिया से संभावित तूफान की आहट महसूस की जा रही है. उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष बदले जाने के बाद ब्लॉक कमेटियां भी भंग हो जायेंगी. कई नगरपालिका प्रशासन पर भी इसका असर पड़ेगा. शाखा संगठनों और जनप्रतिनिधियों पर भी असर दिखेगा.
जिला परिषद के मेंटर और नागराकाटा ब्लॉक अध्यक्ष अमरनाथ झा ने बताया कि 15 में से 12-13 ब्लॉक कमेटियों ने बैठक में भागीदारी की है. हम सभी ने कोलकाता में ही निर्णय लिया है कि ऐसे व्यक्ति को अध्यक्ष पद पर आसीन करने से दल का सांगठनिक ढांचा कमजोर पड़ सकता है.
जिला परिषद के उप सभाधिपति दुलाल देवनाथ ने बताया कि मीडिया में छपी खबर में उनका भी नाम चर्चा में आया है. हालांकि यह पद लेना नहीं चाहते. फिलहाल जिलाध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती ही हैं. नये अध्यक्ष के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. वहीं, जिलाध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है.
