नाटकीय घटनाक्रम के बाद हुई प्रेम की जीत

By Prabhat Khabar Digital Desk
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धरने पर बैठे प्रेमी के अस्वस्थ होने के बाद मामले ने पकड़ा तूल

भीड़भाड़ से प्रेमिका की मां पड़ी बीमार

देर शाम दोनों परिवार हुए राजी, प्रेमी ने प्रेमिका की मांग में भरा सिंदूर

धूपगुड़ी : धूपगुड़ी शहर के कॉलेजपाड़ा इलाके में धरने पर बैठे प्रेमी की आखिरकार जीत हुई और शाम को प्रेमिका से उसकी शादी करा दी गयी. इससे पहले सोमवार को दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा चला. धरने के दूसरे दिन प्रेमी अनंत बर्मन प्रेमिका के घर के सामने ही अस्वस्थ हो गया. वहीं पर उसका इलाज हुआ, पर वह अपने प्यार को हासिल करने के लिए डटा रहा. रविवार रात को मच्छरदानी टांगकर उसने धरना दिया था. उसकी मदद के लिए उसके दोस्त और शुभचिंतक भी वहां जमे रहे. उसकी एक ही रट थी, कोई लौटा दे मेरे आठ साल का प्यार. आखिरकार उसके प्रेम की जीत हुई.

सोमवार को धरने के दूसरे दिन प्रेमी को देखने के लिए अपार भीड़ जमा हो गयी है. दूरदराज से लोग इस अनोखे प्रेम प्रसंग का दीदार करने के लिए पहुंच गये. वहां मेला सा लग गया. इसके चलते प्रेमिका लिपिका बर्मन की मां भी अस्वस्थ हो गयी. उन्हें धूपगुड़ी ग्रामीण अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. इस बीच परिवार ने बेटी को अन्यत्र भेज दिया. इस प्रेमी अनंत ने आरोप लगाया कि लिपिका उससे विवाह करने के लिए तैयार है, पर माता-पिता उसपर दबाव बनाकर दूसरी जगह उसकी शादी करना चाहते हैं. इसलिए उसे जानबूझकर छिपा दिया गया है.

लिपिका के पिता राधाकांत बर्मन ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि लिपिका अनंत से प्यार करती है या नहीं. अगर लड़की राजी होती है तो उन्हें दोनों की शादी पर कोई आपत्ति नहीं है. घर पर लोगों की अपार भीड़ के चलते बेटी को परेशानी महसूस कर रही थी. इसीलिए उसे अन्यत्र भेजा गया है. वहीं, अनंत का कहना है कि वह पिछले आठ साल से लिपिका से प्यार करता है. उसके पास इस बात को साबित करने के लिये पर्याप्त प्रमाण हैं. वह तब तक धरना जारी रखेगा जब तक कि उसका प्यार वापस नहीं मिल जाता है.

इस बीच मामले को उलझते देख धूपगुड़ी शहर के एक नंबर वार्ड की पार्षद जयंती बर्मन ने दोनों पक्षों को लेकर बातचीत शुरू कर दी है. दोनों परिवारों के बीच बातचीत का नतीजा सकारात्मक रहा. उन्होंने अपने बच्चों के बीच प्यार को समझते हुए उनकी शादी करने का फैसला किया. शाम को लड़की को लड़के के घर ले जाया गया, जहां अनंत ने लिपिका की मांग में सिंदूर भरा. इसके बाद अस्पताल पाड़ा के भंडानी मंदिर में दोनों की शादी करायी गयी.

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