बागान से तेंदुए के तीन शावक बरामद, श्रमिकों में आतंक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Apr 2019 12:52 AM (IST)
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वनकर्मियों की पहरेदारी में लख्खीपाड़ा चाय बागान में हुआ दवा छिड़काव उसी दौरान नाले में मिले तीनों शावक पिछले दिनों ही बागान की महिला श्रमिक हमले में हुई थी घायल नागराकाटा : तेंदुआ के आतंक से पिछले तीन सप्ताह से बानारहाट स्थित लख्खीपाड़ा चाय बागान के श्रमिकों में आतंक का माहौल है. मंगलवार को डायना […]
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वनकर्मियों की पहरेदारी में लख्खीपाड़ा चाय बागान में हुआ दवा छिड़काव
उसी दौरान नाले में मिले तीनों शावक
पिछले दिनों ही बागान की महिला श्रमिक हमले में हुई थी घायल
नागराकाटा : तेंदुआ के आतंक से पिछले तीन सप्ताह से बानारहाट स्थित लख्खीपाड़ा चाय बागान के श्रमिकों में आतंक का माहौल है.
मंगलवार को डायना रेंज के वनकर्मियों की पहरेदारी में चाय बागान में दवा छिड़काव का काम किया गया. सुबह दवा छिड़काव के समय एक नाले से तीन तेंदुए के शावक के बरामद होने से चाय बागान में और ज्यादा यह का माहौल छा गया है.
स्थानीय चाय श्रमिकों ने बताया कि शावक की मां चाय बागान में ही इधर-उधर घूम रही है. तेंदुए को पकड़ने के लिए चाय बागान प्रबंधक से निवेदन भी किया गया है. डुआर्स के लक्खीपाड़ा में भी तेंदुए का आतंक कोई नई बात नहीं है.
लक्खीपाड़ा चाय बागान में पिछले चार अप्रैल से तेंदुआ का आतंका छाया हुआ है. कुछ दिनों पहले चाय बागान के 22 नंबर सेक्शन में चाय बागान की एक महिला श्रमिक सुरजमुनी गोप तेंदुए की हमले में जख्मी हो गयी थी. हमले में उसकी एक आंख क्षतिग्रस्त हो गया है. वर्तमान में सूरजमुनी उत्तर बंगाल मेडिकल कलेज में उपचारधीन है. चाय बागान की मैनेजर बंगलों के पास 12 सेक्शन में तेंदुआ को पकड़ने के लिए एक पिंजरा रखा गया है, लेकिन उससे कुछ काम नहीं हुआ है.
चाय बागान में कई तेंदुआ होने का अनुमान वन विभाग ने लगाया है. मंगलवार को 18 नंबर सेक्शन की एक नाले में तेंदुए के तीन शवकों देखा गया है. बरामद किया गया शावक लगभग एक माह का है. उस सेक्शन में काम करनेवाले चाय श्रमिकों ने मां तेंदुए की गर्जन की आवाज भी सुनने की बात कही. उसके बाद वहां काम बंद कर दिया गया. बाद में चाय बागान प्रबंधक की ओर से वन विभाग दफ्तर को इसकी जानकारी दी गयी.
उसके बाद डायना रेंज के वनकर्मी घटनास्थल पर पहुंचकर पटाखा से तेंदुए को भगाने का प्रयास किया. वनकर्मियों ने शाम तीन बजे तक चाय बागान में पहरा देकर चाय बागान में काम किया. लेकिन सवाल आता है इस तरह कितने दिनों तक किया जाएगा. वन विभाग ने बताया कि मां तेंदुए को यदि पकड़ा जाता है तो तीनों शावकों के जान को खतरा रहता है. डायना रेंज के रेंजर शुभेन्दु दास ने कहा कि चाय बागान में तीन शावक हैं. मादा तेंदुआ को चाय श्रमिकों ने देखने की बात कही है. प्रतिस्थिति के ऊपर कड़ी नजर रखी जा रही है.
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