प्रशासक की नियुक्ति का इंतजार

Updated at : 23 Jun 2014 7:02 AM (IST)
विज्ञापन
प्रशासक की नियुक्ति का इंतजार

अवैध निर्माण पर चलेगा निगम का बुलडोजर शीघ्र ही मुहिम शुरू होने की उम्मीद सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम में प्रशासक की नियुक्ति के साथ ही अवैध बिल्डिंगों के खिलाफ निगम की ओर से मुहिम छेड़ी जाएगी. इसके लिए निगम के बिल्डिंग विभाग को समीक्षा कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया था. कुछ […]

विज्ञापन

अवैध निर्माण पर चलेगा निगम का बुलडोजर

शीघ्र ही मुहिम शुरू होने की उम्मीद

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम में प्रशासक की नियुक्ति के साथ ही अवैध बिल्डिंगों के खिलाफ निगम की ओर से मुहिम छेड़ी जाएगी. इसके लिए निगम के बिल्डिंग विभाग को समीक्षा कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया था. कुछ दिनों पहले ही बिल्डिंग विभाग ने 100 से भी अधिक अवैध बिल्डिंगों के निर्माणों को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की थी. इसके अलावा अभी और भी कई अवैध निर्माण को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है.

निगम सूत्रों के अनुसार सप्ताह दस दिनों के भीतर ही निगम प्रशासन अवैध निर्माणों के खिलाफ मुहिम शुरू कर सकती है. इस संबंध में शहर के आमलोगों का कहना है कि कांग्रेस व तृणमूल की राजनैतिक तकरार के कारण निगम का जो छवि खराब हुयी है, अवैध निर्माणों के खिलाफ मुहिम छेड़ कर निगम प्रशासन इस छवि को सुधारने की कोशिश करना चाहता है.

सिलीगुड़ी नगर निगम के आयुक्त सोनम वांग्दी भुटिया का कहना है कि निगम क्षेत्र में जितने भी अवैध बिल्डिंग हैं या जो अर्वध निर्माण हो रहे हैं,उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी. इसके साथ ही अवैध होर्डिगों के खिलाफ भी अभियान छेड़ने की बात उन्होंने कही. नगर निगम में प्रशासक की नियुक्ति के संबंध में उन्होंने कहा कि राज्य के नगरपालिका विभाग को समस्त जानकारी दी जा चुकी है. नगरपालिका विभाग से इस मुद्दे पर कोई जवाब हमें अभी तक नहीं मिला है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 से ही सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड पर कब्जे को लकर कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस की बीच मारामारी रही.

इसको लेकर दोनों ही पार्टियों पर कई आरोप लगे. इस दौरान शहर में अवैध निर्माण की जैसे बाढ़ आ गयी. तत्कालीन मेयर गंगोत्री दत्ता पर इस तरह के निर्माण के खिलाफ कार्यवाही का दबाव बढ़ा. उसके बाद वर्ष 2013 मे मेयर दस से भी अधिक अवैध निर्माणों को तोड़ने का निर्णय लिया था, लेकिन कुछेक बिल्डिंगों पर ही बुलडोजर व हथौड़े चलाये गये. बाद में यह मुहिम भी बीच में ही रोक दी गयी. बाद में इस मामले इतना तूल पकड़ा कि कांग्रेस की ही बिल्डिंग विभाग के तत्कालीन मेयर परिषद सदस्य को बदलने के लिए मेयर को मजबूर होना पड़ा. लेकिन अवैध निर्माणों को लेकर तृणमूल व वामफंट्र दोनों ने ही कांग्रेस पर आरोप लगाना नहीं छोड़ा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola