सिलीगुड़ी : रेगुलेटेड मार्केट घोटाला मामला उजागर होते ही तृणमूल में खलबली
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Nov 2018 8:07 AM (IST)
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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट के व्यवसायियों से साढ़े चार करोड़ रूपए से अधिक उगाही करने का मामला सामने आते ही दार्जिलिंग जिला तृणमूल में खलबली मची हुई है. रेगुलेटेड मार्केट कमेटी (आरएमसी)के साथ मिलकर सिंडिकेट चलाने वाले तृणमूल नेताओं को अविलंब पार्टी से निकालने की मांग ने जोड़ पकड़ा है. आरोपी नेताओं को पार्टी […]
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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट के व्यवसायियों से साढ़े चार करोड़ रूपए से अधिक उगाही करने का मामला सामने आते ही दार्जिलिंग जिला तृणमूल में खलबली मची हुई है.
रेगुलेटेड मार्केट कमेटी (आरएमसी)के साथ मिलकर सिंडिकेट चलाने वाले तृणमूल नेताओं को अविलंब पार्टी से निकालने की मांग ने जोड़ पकड़ा है. आरोपी नेताओं को पार्टी से निकाल-बाहर करने की मांग में दार्जिलिंग जिला तृणमूल पार्टी कार्यालय में ही पोस्टर लगाये गये हैं. वहीं दूसरी ओर सिंडिकेट व रूपया उगाही के अरोप को सिरे से खारिज कर तृणमूल नेताओं ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही उत्तर बंगाल में कच्चे माल की सबसे बड़ी मंडी सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट कमेटी पर साढ़े चार करोड़ रूपये से अधिक आर्थिक गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है.
मार्केट कमेटी के साथ मिलकर एक सिंडिकेट बनाकर व्यवसायियों से रूपया उगाही करने के आरोप में दार्जिलिंग जिला टीएमसीपी अध्यक्ष निर्णय राय उर्फ पोचा के साथ ही रेगुलेटेड मार्केट के व्यवसायी व तृणमूल समर्थक गणेश सिंह व संजय पाल के खिलाफ एक व्यवसायी ने शिकायत दर्ज करायी है.
आरोप है कि किराया बकाया रखने वाले व्यवसायियों के स्टॉल पर मार्केट कमेटी ने ताला लगा दिया. ताला खुलवाने के लिए सिंडिकेट को ढाई से पांच लाख रूपए तक देना पड़ा है. शिकायतकर्ता जगन्नाथ यादव ने भी ऐसा ही आरोप इन तीनों पर लगाया है.
हालांकि आरएमसी के सचिव देवज्योति सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया है कि बीते दो महीने में 40 लाख से अधिक बकाया जमा कराया गया है.
किसी भी प्रकार के घोटाले व उगाही का सवाल ही खड़ा नहीं होता है. वहीं दूसरी ओर आरोपी दार्जिलिंग जिला टीएमसीपी अध्यक्ष निर्णय राय उर्फ पोचा ने दावा करते हुए कहा कि बीते दस वर्षों में वे सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट गये तक नहीं.
वह सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट कल्ब में संवाददाता सम्मेलन के दौरान ही रोने लगे. उन्होंने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है. इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. जांच में दोषी पाये जाने पर उन्हें हर कानूनी सजा मंजूर होगी. अन्यथा आरोप लगाने वालों पर भी कानूनी कार्यवायी होनी चाहिए. आरोप लगाने वाले के खिलाफ वे भी कानून का सहारा लेकर मानहानि का मामला करेंगे.
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