ePaper

ईरान में फंसे पश्चिम बंगाल के 12 युवा आज लौट सकते हैं स्वदेश

Updated at : 31 Oct 2018 3:51 AM (IST)
विज्ञापन
ईरान में फंसे पश्चिम बंगाल के 12 युवा आज लौट सकते हैं स्वदेश

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के 12 स्वर्ण कारीगर जो ईरान में फंस गये थे उन्हें अपना पासपोर्ट वापस मिल गया है और वह बुधवार को कोलकाता वापस लौट सकते हैं. नेशनल एंटी ट्रैफिकिंग कमेटी के चेयरमैन शेख जिन्नार अली ने इसकी जानकारी दी. इन युवाओं के परिजनों ने आरोप लगाया था कि युवाओं को उनके […]

विज्ञापन
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के 12 स्वर्ण कारीगर जो ईरान में फंस गये थे उन्हें अपना पासपोर्ट वापस मिल गया है और वह बुधवार को कोलकाता वापस लौट सकते हैं. नेशनल एंटी ट्रैफिकिंग कमेटी के चेयरमैन शेख जिन्नार अली ने इसकी जानकारी दी. इन युवाओं के परिजनों ने आरोप लगाया था कि युवाओं को उनके मालिकों ने बंधक बना लिया है.
श्रमिकों को एक ही कमरे में जबरन रहने के लिए मजबूर किया गया था. परिजनों का आरोप था कि जब से उन युवाओं का पासपोर्ट व वीसा उनसे जबरन ले लिया गया था तब से उन्हें बेहद कम खाना व पानी दिया जा रहा था. गत 21 अक्तूबर से नेशनल एंटी ट्रैफिकिंग कमेटी(एनएटीसी) की ओर से उन्हें वापस लाने की कोशिश की जा रही थी.
इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा था. एनएटीसी के चेयरमैन शेख जिन्नार अली ने बताया कि इस मामले की जानकारी विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्य की मुख्य मंत्री, एडीजी सीआइडी तथा नयी दिल्ली में स्थित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को भी दी गयी है. भारतीय दूतावास के एके सिंह के नेतृत्व में युवाओं को कुछ दिन पहले चाबहार से उद्धार किया गया था और उन्हें तेहरान लाया गया था. वह बुधवार को भारत लौटेंगे.
  • नेशनल एंटी ट्रैफिकिंग कमेटी का प्रयास रंग लाया
  • युवाओं के पासपोर्ट और वीजा जब्त कर लिये गये थे
  • परेशान थे परिवारवाले
  • बेहतर जिंदगी की उम्मीद लेकर गये थे ईरान
  • हुगली, कूचबिहार, हावड़ा व बर्दवान के युवा फंसे हैं
युवाओं के परिजनों को भी लौटने की जानकारी दे दी गयी है. ईरान में फंस जाने वाले शेख मोइनुद्दीन के जीजा शेख सलीम ने बताया कि इस खबर का वह बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. उनकी पत्नी काफी खुश है कि उसका भाई वापस आ रहा है. एनएटीसी और अन्य अधिकारियों ने इस संबंध में काफी मदद की.
गौरतलब है कि हुगली, कूचबिहार, हावड़ा और बर्दवान जिले के युवा गत फरवरी महीने में ईरान गये थे. उनके नियोक्ताओं ने उन्हें धोखा दिया और उनके दस्तावेज ले लिये थे. परिजनों के मुताबिक इन युवा स्वर्णकारों को गियासुद्दीन मल्लिक नामक व्यक्ति लेकर गया था. मल्लिक दुबई में पिछले 15 वर्षों से एक शोरूम में काम करता था.
गत वर्ष वह ईरान के एक शेख से मिला था जिसने भारत से 10-11 श्रमिकों को लाने के लिए कहा था. उसने आश्वस्त किया था कि उन्हें उपयुक्त भोजन और वेतन दिया जायेगा. परिजनों के मुताबिक मल्लिक ने इन सभी युवाओं से 50 से 60 हजार रुपये लिए और फरवरी महीने में उन्हें ईरान पर्यटक वीजा पर ले गया. मल्लिक भी ईरान में फंसा हुआ है. हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि मल्लिक के कोलकाता लौटने पर उसके खिलाफ कोई कदम उठाया जायेगा या नहीं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola