प्रशासन ने शुरू की तैयारी

Updated at : 13 Jun 2014 8:43 AM (IST)
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प्रशासन ने शुरू की तैयारी

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी शहर तथा इसके आसपास के इलाकों में सफेद तथा नीले रंग की नो रिफ्यूजल टैक्सी चलाने की सरकार की योजना पर पहली बैठक फेल होने के बाद एक बार फिर से बैठक करने की तैयारी में जिला प्रशासन तथा मोटर वाहन विभाग के अधिकारी जुट गए है.विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार […]

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सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी शहर तथा इसके आसपास के इलाकों में सफेद तथा नीले रंग की नो रिफ्यूजल टैक्सी चलाने की सरकार की योजना पर पहली बैठक फेल होने के बाद एक बार फिर से बैठक करने की तैयारी में जिला प्रशासन तथा मोटर वाहन विभाग के अधिकारी जुट गए है.विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मुद्दे को लेकर इस महीने की 14 तारीख को फिर से बैठक होने की संभावना है.यहां यह उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे को लेकर जिला परिवहन विभाग ने इससे पहले कसियांग में एक बैठक की थी,जो फेल हो गया था.

इस बैठक में नो रिफ्यूजल टैक्सियों के परमिट देने के साथ-साथ सिलीगुड़ी से सिटी ऑटो को हटा कर मैक्सी चलाने की योजना पर विचार-विमर्श होना था. बैठक में सिलीगुड़ी के बस मालिकों के पांच संगठनों के नेताओं के साथ-साथ सिटी ऑटो मालिकों के 11 संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था. बैठक में राज्य परिवहन विभाग के अधिकारी के साथ-साथ दाजिर्लिंग के जिला शासक पुनीत यादव एवं सिलीगुड़ी के एआरटीओ भी शामिल हुए थे. बैठक में भाग लेने के लिए बस मालिक संगठन के नेता और सिटी ऑटो मालिक संगठन के प्रतिनिधि कर्सियांग के सर्किट हाउस पहुंच गये, लेकिन वहां इन लोगों के बैठक की कोई व्यवस्था नहीं थी.

इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच वाद-विवाद शुरू हो गया. उसके बाद बैठक नहीं हुयी और कोइ फैसला भी नहीं हुआ. इस बीच सिलगुड़ी में 14 तारीख को होने वाली बैठक को लेकर आरोपों तथा प्रत्यारोपों का दौर भी शुरू हो गया है. सिलीगुड़ी के बस मालिकों तथा सिटी ऑटो मालिकों ने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाया है.दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी बस मालिकों तथा सिटी ऑटो मालिकों पर विकास कार्यो में बाधा डालने का आरोप लगा रहे हैं. इस संबंध में सिलीगुड़ी सिटी ऑटो ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी के महासचिव निर्मल सरकार ने कहा है कि सिलीगुड़ी में ऐसी टैक्सियों को चलाने के लिए जिस ढांचागत सुविधाओं की जरूरत होती है उसको तैयार किए बगैर ही सरकार ने ऐसा निर्णय ले लिया है.

इसके अलावा सिटी ऑटो को बंद करने की भी बात हो रही है. सिटी ऑटो से ही रोजी रोटी कमाने वाले लोग इसको बंद किए जाने के बाद क्या करेंगे,इस पर सरकारी अधिकारी कुछ भी नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम विकास के बाधक नहीं हैं,लेकिन हमारे सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है.कु छ इसी प्रकार की बातें बस मालिकों ने भी कही है. सिलीगुड़ी मिनीबस सिंडिके ट के महासचिव मृणाल कांति सरकार ने इस संबंध में कहा कि सिलीगुड़ी की सड़कें काफी सकरी है. इसकी वजह से हर दिन ही यहां जाम की समस्या से लोगों को परेशान रहना पड़ता है. अब जब 1 हजार नयी टैक्सियां आयेंगी तो शहर का हाल क्या होगा,इसका तो बस अंदाजा ही लगाया जा सकता है.यहां यह बता दें कि राज्य सरकार ने सिलीगुड़ी शहर में एक हजार नो रिफ्यूजल टैक्सी चलाने की योजना के साथ-साथ सिलीगुड़ी से सिटी ऑटो को हटाकर उसके स्थान पर मैक्सी चलाने की योजना बनायी है. राज्य सरकार की इस योजना से सिलीगुड़ी के सिटी ऑटो मालिक भड़के हुए हैं.

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