सिलीगुड़ी के पास भरभराकर गिरा निर्माणाधीन फ्लाईओवर

सिलीगुड़ी : कोलकाता और बनारस के बाद अब सिलीगुड़ी के निकट एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर गिरने की घटना घटी है. गनीमत यह रही कि यहां कोलकाता या बनारस की तरह जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. सिलीगुड़ी के फांसीदेवा थाना इलाके में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर परियोजना में इस घटना से कोई हताहत नहीं हुआ है. कांतिभीटा में शनिवार […]
सिलीगुड़ी : कोलकाता और बनारस के बाद अब सिलीगुड़ी के निकट एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर गिरने की घटना घटी है. गनीमत यह रही कि यहां कोलकाता या बनारस की तरह जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.
सिलीगुड़ी के फांसीदेवा थाना इलाके में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर परियोजना में इस घटना से कोई हताहत नहीं हुआ है. कांतिभीटा में शनिवार की सुबह फ्लाईओवर का करीब 300 मीटर हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया. उस समय वहां किसी प्रकार की कोई आवाजाही नहीं हो रही थी, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गयी.
घटना की सूचना मिलते ही तत्काल फांसीदेवा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. समय बीतने के बाद घटनास्थल के निकट यातायात बाधित रहा. बाद में फांसीदेवा थाना पुलिस ने स्थिति को सामान्य किया.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घोषपुकुर से ग्वालटोली के बीच बन रहा इस फ्लाईओवर का करीब 300 मीटर हिस्सा अचानक बैठ गया. इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अभी चल ही रहा था. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30डी पर हुई इस घटना से स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. उनका आरोप है कि फ्लाईओवर निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है. इसके चलते एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी.
यदि दिन के समय यह दुर्घटना घटती तो काफी नुकसान हो सकता था. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों तथा श्रमिकों ने काफी देर तक विरोध प्रदर्शन किया. इन लोगों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कदम उठाने की मांग की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार कंपनी की ओर से घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है. कई बार कंपनी के लोगों को इस बात की शिकायत भी की गयी. उसके बाद भी घटिया सामग्री का उपयोग जारी रहा. इधर फांसीदेवा थाना पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है.
फ्लाईओवर के अचानक गिरने का अभी तक कुछ खास पता नहीं चल सका है. जांच के बाद ही कुछ सही जानकारी मिल सकेगी. दूसरी ओर राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) से पूरी रिपोर्ट मांगी है. श्री देव ने बताया है कि यह केंद्र सरकार की परियोजना है.राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है. फिर भी उन्होंने एनएचएआइ से रिपार्ट मंगायी है.
इधर, फ्लाईओवर बनवा रही ठेकेदार कंपनी एल एंड टी के सहायक प्रबंधक सुमन बनर्जी ने कहा है कि इस मामले में कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं हुई है. फ्लाईओवर बनाने में गर्डर को वेल्डिंग से जोड़ा जाता है. इसमें ही कहीं गड़बड़ी हुई होगी. क्योंकि एक भी गर्डर वेल्डिंग नहीं होने के कारण झुका तो सभी गर्डर झुक जायेंगे. फिर भी कंपनी इसकी जांच कर रही है.
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