हर हाल में गुरूंग को दबोचना चाहती हैं ममता

सिलीगुड़ी. गोरखालैंड आंदोलन को लेकर एक ओर जहां दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में अशांति है, वहीं दूसरी ओर पड़ोसी सिक्किम के साथ राज्य सरकार की भिड़न्त जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है. पिछले दिनों सिक्किम के नामची के निकट पदाम में गोजमुमो केंद्रीय कमेटी की एक बैठक हुई थी. उस बैठक में बिमल गुरूंग भी शामिल […]
करीब एक दर्जन गोजमुमो नेताओं की गिरफ्तारी हुई, जबकि बिमल गुरूंग भागने में कामयाब हुए. उसके बाद से ही पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम पुलिस आमने-सामने है. सिक्किम पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पुलिस पर बगैर कोई सूचना दिये कार्रवाई करने का आरोप लगाया. इसके साथ ही नामची थाने में कालिम्पोंग के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया. यहां उल्लेखनीय है कि बंगाल पुलिस की कार्रवाई में दावा भुटिया नामक एक गोजमुमो समर्थक की मौत हो गयी थी.
उसके बाद से ही दोनों राज्यों के बीच तनातनी काफी बढ़ गयी है. ऐसी परिस्थिति के बाद भी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी भी कीमत पर गोजमुमो सुप्रीमो बिमल गुरूंग को दबोचना चाहती है. वैसे भी बिमल गुरूंग तथा रोशन गिरि को छोड़कर गोजमुमो के तमाम आला नेता गिरफ्तार हो चुके हैं.
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