पहाड़ पर ड्यूटी पर नहीं जा पा रहे कर्मचारी, सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कट रहा है वेतन, नौकरी खतरे में
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :04 Jul 2017 9:47 AM
विज्ञापन

जलपाईगुड़ी: गोजमुमो के अलग राज्य गोरखालैंड आंदोलन की वजह से सरकारी कर्मचारी पहाड़ पर चढ़ नहीं पा रहे हैं. पहाड़ के सरकारी कार्यालयों में कार्यरत डुआर्स व समतल के कर्मचारी आंदोलन की वजह से वापस ज्वाइन नहीं कर पा रहे हैं. फलस्वरूप उनका वेतन भी कटने लगा है. भड़के सरकारी कर्मचारियों ने वेतन ना काटे […]
विज्ञापन
जलपाईगुड़ी: गोजमुमो के अलग राज्य गोरखालैंड आंदोलन की वजह से सरकारी कर्मचारी पहाड़ पर चढ़ नहीं पा रहे हैं. पहाड़ के सरकारी कार्यालयों में कार्यरत डुआर्स व समतल के कर्मचारी आंदोलन की वजह से वापस ज्वाइन नहीं कर पा रहे हैं. फलस्वरूप उनका वेतन भी कटने लगा है. भड़के सरकारी कर्मचारियों ने वेतन ना काटे जाने व पहाड़ पर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग पर जलपाईगुड़ी जिला शासक कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया. राज्य सरकार कर्मचारी को अर्डिनेशन कमिटी के जलपाईगुड़ी जिला कमिटी के मुताबिक आंदोलन की वजह से 70 से अधिक कर्मचारी वापस नहीं लौट पा रहे हैं.
पहाड़ के कालिम्पोंग, गोरूबथान, झालंग, जलढाका, बिंदु, सुकना स्थित राज्य सरकार के कार्यालयों में डुआर्स व समतल के अधिकांश कर्मचारी हैं. अलग राज्य की मांग पर जारी आंदोलन की वजह से पहाड़ अनिश्चितकाल के लिये बंद रखा गया है. पहाड़ पर आवाजाही की पूरी व्यवस्था ठप है. इसके अतिरिक्त अपनी निजी गाड़ी से कार्यालय जाने के लिये पहाड़ चढ़ना खतरे से खाली नहीं.
असुरक्षा का बोध कर करीब 70 से अधिक सरकारी कर्मचारी पहाड़ पर चढ़ नहीं पा रहे हैं. कई कर्मचारी तो आंदोलन के पहले से छुट्टी पर थे. लेकिन छुट्टी का समय समाप्त होने पर उनका वेतन कटना शुरू हो गया है. आंदोलन की वजह से पहाड़ की मौजूदा परिस्थिति को देखकर कर्मचारी चाह कर भी पहाड़ चढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. कई कर्मचारी ऐसे भी है जो रोजाना यातायात करते हैं. लेकिन आंदोलन की वजह से वे घर बैठे हुए हैं.
जलपाईगुड़ी जिला को ऑर्डिनेशन कमिटी के संयुक्त सचिव गौरांग राय ने बताया वापस ज्वाइंन ना कर पाने की वजह से सिर्फ वेतन ही नहीं काटा जा रहा है, बल्कि नौकरी से भी हटाया जा रहा है. वर्तमान राज्य सरकार हमेशा से ही बंद के खिलाफ रही है. लेकिन वर्तमान की परिस्थिति कुछ और ही है. कर्मचारी चाह कर भी कार्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं. तुगलकी फरमान जारी ना कर राज्य सरकार को कर्मचारियों को कार्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था सहित उन्हें सुरक्षा मुहैया कराना चाहिए. इसी मांग को लेकर आज जिला शासक को एक ज्ञापन सौंपा गया है. आशा है कि सरकार कर्मचारियों की व्यथा को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कदम उठायेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










