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Mamata Banerjee: सागरद्वीप. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआइआर प्रक्रिया पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया कितनी डरावनी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके तहत साधु-संतों के नाम भी मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं. यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और इसके खिलाफ आवाज उठाई जायेगी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सागरद्वीप स्थित कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पत्रकरों से बात कर रही थी. इस मौके पर कपिल मुनि आश्रम के प्रमुख महंत ज्ञान दास महाराज, उनके उत्तराधिकारी महंत संजय दास सहित अन्य संत-महात्मा उपस्थित रहे.
मुख्यमंत्री ने की सेवाश्रम में पूजा
मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से सागरद्वीप पहुंचीं. इसके बाद सीएम भारत सेवाश्रम संघ के आश्रम पहुंचीं. आश्रम के महाराज ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने भारत सेवाश्रम संघ के आश्रम में भी पूजा कीं. वहां संघ के निमाई महाराज ने मुख्यमंत्री को बताया कि एसआइआर प्रक्रिया के तहत उन्हें भी सुनवाई के लिए बुलाया गया है और उनका नाम भी मतदाता सूची से कट सकता है. निमाई महाराज ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग को सूचित कर दिया है कि वह फिलहाल गंगासागर मेला में व्यस्त हैं और जल्द ही आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुनवाई में उपस्थित होंगे. भारत सेवाश्रम संघ से निकलने के बाद मुख्यमंत्री कपिल मुनि मंदिर पहुंचीं.
साधु-संत भी एसआइआर से परेशान
पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों द्वारा निमाई महाराज के आरोपों के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में एसआइआर प्रक्रिया से सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि साधु-संत भी परेशान हैं. उन्हें भी सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है और उनके नाम काटने की साजिश की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगासागर मेले के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार ने हर तरह की तैयारियां की हैं. मेले की निगरानी के लिए कई मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. उन्होंने लोगों से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की. गंगासागर आने पर वह यहां अवश्य आती हैं. सीएम ने राज्य सरकार की ओर से भारत सेवाश्रम संघ को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया.
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