उद्योग व व्यापार के लिए भारत पर पूरी दुनिया का है विश्वास : सुधांशु त्रिवेदी
Published by : AKHILESH KUMAR SINGH Updated At : 18 Feb 2026 1:44 AM
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को महानगर में राष्ट्रीय चेतना मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि जहां एक ओर पूरा देश औद्योगिक विकास की दृष्टिकोण से आगे बढ़ रहा है.
आरोप. भाजपा सांसद बोले- बंगाल का विकास नहीं चाहती है तृणमूल सरकारसंवाददाता, कोलकाताभाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को महानगर में राष्ट्रीय चेतना मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि जहां एक ओर पूरा देश औद्योगिक विकास की दृष्टिकोण से आगे बढ़ रहा है. वहीं, पश्चिम बंगाल में उद्योगों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. कभी पश्चिम बंगाल देश की कुल जीडीपी में 10 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता था, लेकिन आज राष्ट्रीय जीडीपी में पश्चिम बंगाल का योगदान घटकर 5.48 प्रतिशत हो गया है. यह दर्शाता है कि देश के अन्य राज्य विकास की पथ अग्रसर हैं, तो बंगाल में उद्योगों की संख्या कम होती जा रही है. डॉ त्रिवेदी ने मंगलवार शाम कलामंदिर में राष्ट्रीय चेतना मंच की ओर से बंगाल माेमेंट- पॉलिसी, प्रोफेशनल व प्रोगेस थीम पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी देश व राज्य के विकास के लिए वहां के सरकार की नीति सबसे महत्वपूर्ण होती है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार यहां नये उद्योग लगाना तो दूर, यहां जो उद्योग चल रहे हैं, उनकी नीतियों के कारण वह भी बंद होती जा रही है. तृणमूल सरकार कर रही तुष्टीकरण की राजनीति : डॉ त्रिवेदी ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां की तृणमूल कांग्रेस सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति व अपने वोट बैंक के लिए कार्य रही है. तृणमूल कांग्रेस बंगाल का विकास करना ही नहीं चाहती है. कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने तृणमूल सरकार की मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि लगता है ममता बनर्जी समझ चुकी हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह हारने वाली हैं. इसलिए एसआइआर को लेकर वह ज्यादा हो-हल्ला मचा रही हैं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि एसआइआर का काम नहीं रुकेगा और इसे पारदर्शी तरीके से लागू करना होगा.
राज्य सरकार के बजट पर भी किया कटाक्ष
उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पेश किये गये बजट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो राज्य हर साल अपने कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए 48 हजार करोड़ रुपये खर्च करती है, वैसे राज्य में मदरसा पर 5600 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं, जबकि साइंस व टेक्नोलॉजी पर सिर्फ 80 करोड़ औ उद्योग व वाणिज्य विभाग के लिए मात्र 1100 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं. उन्होंने आगे कहा कि उत्तर बंगाल, जहां की आबादी करीब 2.5 करोड़ के आस-पास है, वहां की जनता के लिए मात्र 800 करोड़ रुपये दिये गये हैं. इस मौके पर राष्ट्रीय चेतना मंच के अध्यक्ष सीए आरएन रुस्तगी, सचिव रंजीत कुमार अग्रवाल व सह-संयोजक सीए सुमंत्र गुहा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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