ईसीआइ की टीम पर हमले की तृणमूल नेता ने रची साजिश

ईसीआइ की टीम पर हमले की तृणमूल नेता ने रची साजिश
भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल पुलिस, राज्य के गवर्नर, डीजीपी व मुख्यमंत्री कार्यालय तक को किया टैग
संवाददाता, कोलकाता
राज्य में चुनाव आयोग द्वारा किये जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बीच भाजपा सांसद शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस ने दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में चुनाव आयोग की टीम पर हमले की साजिश रची है. भाजपा नेता ने यह दावा सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट के जरिये किया है.
उन्होंने रविवार को लिखा : लोकल सोर्स ने मुझे बताया है कि स्थानीय तृणमूल नेता जहांगीर ने ईसीआइ की विजिटिंग टीम को रोकने और हमला करने के लिए करीब 300 औरतों को इकट्ठा किया है, जिनमें से हर एक को कथित तौर पर 500 रुपये दिये गये हैं. वे अभी ग्राम ऑफिस के ऊपर बैंक्वेट हॉल में जमा हैं, और ऐसे संकेत हैं कि जहांगीर और बीडीओ ने उन्हें ट्रेनिंग दी है. अगर ईसीआइ टीम आगे बढ़ती है, तो हिंसक हमले का पक्का डर है. श्री अधिकारी ने चुनाव आयोग को टैग करते हुए राज्य में किसी भी तरह की हिंसा को रोकने और आयोग की टीम की सुरक्षा को पक्का करने के लिए उचित कदम उठाने की गुजारिश की है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभी तो यह खबर उन्हें सूत्रों के हवाले से मिली है. लेकिन अगर ये सत्यापित हो जाती है, तो उन्होंने लोकतंत्र की पवित्रता बनाये रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ तेज और सख्त कार्रवाई की मांग की है. अपने पोस्ट में भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल पुलिस, राज्य के गवर्नर, डीजीपी और मुख्यमंत्री कार्यालय तक को टैग किया है.
शुभेंदु अधिकारी ने सीधे ममता बनर्जी को निशाना बनाया है. उनका आरोप है कि राज्य प्रशासन एसआइआर प्रक्रिया के दौरान धांधली कर रहा है. ईसीआइ राज्य सरकार पर ही निर्भर करता है इस काम के लिए, लेकिन यहां तो अफसर लोग जान-बूझकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रहे हैं.
अधिकारी कहते हैं कि ममता सरकार मृत लोगों के नाम, फर्जी वोटरों और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम लिस्ट में डाल रही है. ये सब वोट बैंक मजबूत करने के लिए हो रहा है. उन्होंने कहा कि सीनियर अफसर खुद डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और असिस्टेंट ऑफिसर को फोन करके दबाव डाल रहे हैं, ताकि ये नाम हट न जायें. यह एक सुनियोजित घोटाला है और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है.
अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर यह भी आरोप लगाया कि वह सभी मुसलमानों को अल्पसंख्यक का लेबल देकर वोट बैंक साध रही हैं. चाहे वे उर्दू बोलने वाले हों या बंगाली बोलने वाले, फर्क नहीं पड़ता. उनका कहना है कि ममता सरकार राष्ट्र विरोधी है, और लोगों को इसे हटाने की अपील की. एसआइआर प्रक्रिया धीमी चल रही है, जिस पर भी उन्होंने सवाल उठाये.
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