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बीएलओ पर मृत व स्थानांतरित वोटरों के नाम अपलोड करने का दबाव डाल रही तृणमूल

Updated at : 30 Nov 2025 12:29 AM (IST)
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बीएलओ पर मृत व स्थानांतरित वोटरों के नाम अपलोड करने का दबाव डाल रही तृणमूल

बीएलओ पर मृत और प्रवासी मतदाताओं के नाम अपलोड करने का दबाव डाला जा रहा है.

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कोलकाता. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने राज्य में बनी प्रशासनिक अव्यवस्था, विशेष मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों व बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) पर दबाव को गंभीर चिंता व्यक्त की. श्री भट्टाचार्य ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक ओर यह कहती है कि वह पश्चिम बंगाल में विशेष मतदाता पुनरीक्षण लागू नहीं होने देगी, जबकि दूसरी ओर वही बीएलओ को अपने नियंत्रण में ले रही है. बीएलओ पर मृत और प्रवासी मतदाताओं के नाम अपलोड करने का दबाव डाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसकी वजह से सरकारी कर्मचारियों को जेल और सेवा समाप्ति जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने दावा किया कि एक व्यक्ति जिसने अपने तीन बच्चों का नाम दर्ज कराया था, अब उसके 13 बच्चे दिखाये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीएलओ पर यह तक दबाव है कि वे अब से मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम अपलोड करें.

अगले सप्ताह निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज करायेगी भाजपा

उन्होंने कहा कि भाजपा अगले सप्ताह इन सभी शिकायतों सहित निर्वाचन आयोग से मुलाकात करेगी. उन्होंने बताया कि भाजपा ने विशेष मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभायी और 13.25 लाख फर्जी मतदाताओं की सूची आयोग को सौंपी है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि भय के माहौल में विशेष मतदाता पुनरीक्षण कराया जा रहा है, फिर भी जनता ने इसे सफल बनाने में सहयोग दिया है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल की बांग्लादेश से लगने वाली 2200 किमी लंबी सीमा बेहद संवेदनशील है और पिछली सरकारों ने राज्य में घुसपैठ को बढ़ावा दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नाटक रच रही है जिसमें कुछ लोग स्वयं को बांग्लादेशी बताकर वापस जाने की इच्छा जता रहे हैं, जबकि राज्य सरकार यह स्पष्ट नहीं कर रही कि ये लोग वास्तव में कौन हैं. यह एक गंभीर आंतरिक सुरक्षा मुद्दा है. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने बीएलओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था, परंतु राज्य प्रशासन इसमें विफल रहा. जिला निर्वाचन अधिकारी भी सरकार के दबाव में असहाय हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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