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जो पार्टी खेला-मेला में उलझ जाती है वह अपनी राजनीतिक आत्मा खो देती है

Updated at : 11 Oct 2025 10:40 PM (IST)
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जो पार्टी खेला-मेला में उलझ जाती है वह अपनी राजनीतिक आत्मा खो देती है

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत राय के इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है कि किसी पार्टी को खेला और मेला के आयोजन में नहीं उलझना चाहिए, बल्कि राजनीतिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, खासकर जब चुनाव नजदीक हों.

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कोलकाता.

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत राय के इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है कि किसी पार्टी को खेला और मेला के आयोजन में नहीं उलझना चाहिए, बल्कि राजनीतिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, खासकर जब चुनाव नजदीक हों.

तृणमूल सांसद सौगत राय ने दमदम लोकसभा क्षेत्र के बरानगर में शुक्रवार रात आयोजित बिजया सम्मिलनी में यह टिप्पणी की, जिससे वहां मौजूद सैकड़ों तृणमूल समर्थक और अन्य लोग स्तब्ध रह गये. श्री राय ने कहा कि जब कोई पार्टी मेलों और खेल स्पर्धाओं को प्राथमिकता देने में व्यस्त हो जाती है, तो वह धीरे-धीरे अपनी राजनीतिक आत्मा खो देती है. हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि राज्य में विधानसभा चुनाव के आयोजन में केवल छह महीने ही शेष हैं.

उन्होंने कहा कि पार्टी को सियासी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, चुनौतियों से निबटने के लिए रणनीति तैयार करनी चाहिए और राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होना चाहिए, न कि केवल उन अन्य आयोजनों में व्यस्त रहना चाहिए, जो पार्टी की राजनीतिक पहचान से मेल नहीं खाते.

सौगत राय की इन टिप्पणियों वाला एक कथित वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर सामने आया. हालांकि प्रभात खबर ने इस वायरल वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं की है.

विपक्षी दलों ने तृणमूल पर साधा निशाना

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा है कि एक अनुभवी नेता और जानकार व्यक्ति होने के नाते सौगत दा ने आखिरकार सच बोल दिया. लेकिन क्या इतने वर्षों में उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं थी? राज्यसभा सदस्य भट्टाचार्य ने कहा : तृणमूल मेला-खेला का पर्याय है. जब उत्तर बंगाल बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से जूझ रहा था, तब मुख्यमंत्री दुर्गापूजा उत्सव में हिस्सा लेने में व्यस्त थीं. माकपा के नेता सतरूप घोष ने कहा कि हर कोई जानता है कि तृणमूल नेताओं की प्राथमिकता कट मनी और जबरन वसूली के साथ मेलों और उत्सवों का आयोजन करना है. पता नहीं सौगत राय ऐसा क्यों बोल रहे हैं. शायद उन्हें अगले लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने का डर है या फिर उनका कोई और मकसद है.

तृणमूल बोली, किस संदर्भ में सौगत ने की टिप्पणी, इस पर हो विचार : वहीं, तृणमूल के सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) प्रकोष्ठ के प्रभारी और प्रवक्ता देबांग्शु भट्टाचार्य ने कहा कि इस बात पर विचार किया जाना चाहिए कि सौगत ने किस जगह पर और किस संदर्भ में ये टिप्पणियां कीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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