फेसबुक लाइव कर टोटो चालक ने की जान देने की कोशिश
Published by : SUBODH KUMAR SINGH Updated At : 01 Dec 2025 12:39 AM
टोटो चालक को जबरन तृणमूल कांग्रेस की सभा में ले जाने, उसके बाद मारपीट और अपमान किये जाने का आरोप तूल पकड़ रहा है
तृणमूल की सभा में टोटो चालक को जबरन ले जाने का आरोप मारपीट व अपमान के बाद युवक ने उठाया कदम
संवाददाता, कोलकाता.
दक्षिण 24 परगना के मंदिरबाजार थाना क्षेत्र में एक टोटो चालक को जबरन तृणमूल कांग्रेस की सभा में ले जाने, उसके बाद मारपीट और अपमान किये जाने का आरोप तूल पकड़ रहा है. घटना के सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है. आरोप है कि दबाव से टूटे टोटो चालक ने फेसबुक लाइव कर पूरी घटनाक्रम का खुलासा किया और फिर कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की. हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता से उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया और उसकी जान बच गयी.
फेसबुक लाइव का यह वीडियो (जिसकी पुष्टि प्रभात खबर ने स्वतंत्र रूप से नहीं की है) केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री और प्रदेश भाजपा नेता डॉ सुकांत मजुमदार ने एक्स पर साझा किया. वीडियो सामने आने के बाद मंदिरबाजार और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है. तृणमूल इस घटना को भाजपा की साजिश करार दे रही है.
जानकारी के अनुसार, सोमवार को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंदिरबाजार में एक सभा की थी. इसके अगले दिन तृणमूल कांग्रेस ने प्रतिवाद सभा आयोजित की. आरोप है कि इसी सभा के लिए भीड़ जुटाने के उद्देश्य से घाटेश्वरा के टोटो चालक साबिर मीर पर टोटो से पार्टी समर्थकों को लाने का दबाव बनाया गया. साबिर का कहना है कि खराब तबीयत के कारण उसने मना किया था, लेकिन दबाव कम नहीं हुआ. मजबूरी में वह पार्टी कार्यकर्ताओं को सभा स्थल तक ले गया और वापस भी लाया. तृणमूल की ओर से उसे 150 रुपये किराये के रूप में दिये भी गये.
साबिर का आरोप है कि सभा में पहले जाने से इनकार करने पर उसकी पिटायी की गयी और उसे दुर्गापुर–विजयगंज बाजार रूट पर टोटो चलाने से रोक दिया गया. उसका दावा है कि इस रूट पर चलने के लिए पहले 11 हजार रुपये जमा करने होते हैं और रोजाना 10 रुपये देना पड़ता है. साबिर का कहना है कि रात में जब वह मंदिरबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराने गया, तो पुलिस ने उसकी शिकायत नहीं ली. बुधवार दोपहर को भी उसे खाली हाथ लौटना पड़ा. पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है. आरोप यह भी है कि शिकायत न दर्ज होने पर लौटते समय रास्ते में उसे दोबारा अपमानित किया गया. परिवार के अनुसार, अपमान और तनाव से टूट कर साबिर घर पहुंचा, फेसबुक लाइव कर पूरी घटना बतायी और कीटनाशक पी लिया. परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उपचार के बाद उसकी जान बच गयी. फिलहाल वह घर लौट आया है. भाजपा इस वीडियो को तृणमूल की कथित दबंगई का प्रमाण बता रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इसे विपक्ष का राजनीतिक षड्यंत्र बता रही है.
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