कुलतली में फिर बाघ का आतंक, मैपीठ क्षेत्र में दिखे पैरों के निशान

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कुलतली में फिर बाघ का आतंक, मैपीठ क्षेत्र में दिखे पैरों के निशान

दक्षिण 24 परगना के कुलतली-मैपीठ क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बार फिर बाघ की दहशत फैल गयी.

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वन विभाग और पुलिस ने चलाया संयुक्त अभियान

संवाददाता, कोलकाता.

दक्षिण 24 परगना के कुलतली-मैपीठ क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बार फिर बाघ की दहशत फैल गयी. सुबह-सुबह किशोरी मोहनपुर इलाके के ग्रामीणों ने नदी किनारे बाघ के पदचिह्न देखे, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गयी. सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया.

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह करीब छह बजे कुछ ग्रामीण नदी किनारे गये थे, तभी उनकी नजर बालू पर पड़े बड़े-बड़े पंजों के गहरे निशानों पर पड़ी. ग्रामीणों ने तुरंत गांव में यह बात फैलायी. थोड़ी ही देर में नदी किनारे लोगों की भीड़ जुट गयी. हालांकि पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने भीड़ को हटाकर इलाके को सुरक्षित घेरे में ले लिया. अधिकारियों का कहना है कि निशानों की दिशा और गहरायी से यह साफ है कि बाघ रात के समय ही इलाके में आकर वापस जंगल की ओर लौट गया होगा. प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया गया है कि बाघ संभवतः मातला-मकड़ी नदी के किनारों से होकर आया था, जैसा कि पहले भी कई बार होता रहा है. मैपीठ–कुलतली क्षेत्र में बाघ का प्रवेश नया नहीं है. कुछ महीने पहले भी इसी इलाके के देउलबाड़ी गांव में धान के खेतों में एक बाघ को प्रवेश करते देखा गया था. तब ग्रामीणों ने रातभर पहरा दिया था और वन विभाग की टीम ने लगातार प्रयास कर उसे सुरक्षित जंगल में वापस भेजा था. इससे पहले भी कई बार बाघ मातला-मकड़ी नदी को पार कर आसपास के गांवों में पहुंच जाता है, जिससे ग्रामीणों में हमेशा आशंका बनी रहती है. गुरुवार को मिले बाघ के पैरों के ताजा निशान के बाद वन विभाग ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है. ग्रामीणों को नदी किनारे तथा घने जंगल वाले हिस्सों में न जाने की सलाह दी गयी है. अधिकारी लगातार नदी मार्ग और संभावित प्रवेश बिंदुओं की जांच कर रहे हैं. वन विभाग का मानना है कि फिलहाल बाघ वापस जंगल में लौट चुका है, लेकिन एहतियातन पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गयी है. ग्रामीणों के अनुसार, हाल के वर्षों में बाघ की आवाजाही में वृद्धि हुई है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना रहता है. मछुआरों और खेतिहर किसानों का कहना है कि सुबह के समय काम पर जाते वक्त उन्हें हमेशा खतरे का डर लगा रहता है. वन विभाग ने नागरिकों को संयम बरतने, अफवाह न फैलाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है. फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं.

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Subodh Kumar Singh

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