तीन तृणमूल विधायकों को गिरफ्तार करने की धमकी

Published by : GANESH MAHTO Updated At : 05 Nov 2025 1:42 AM

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ईडी-सीबीआइ के नाम पर फर्जीवाड़े की कोशिश

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प्राथमिकी दर्ज, मुंबई से फोन कॉल आने का दावा कोलकाता. राज्य की राजनीति में हलचल मचाने वाला मामला सामने आया है. दक्षिण 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस के तीन विधायकों को इडी और सीबीआइ के नाम पर गिरफ्तारी की धमकी दी गयी है. धमकी पाने वाले विधायकों में गोसाबा के विधायक सुब्रत मंडल, बारुईपुर पूर्व के विधायक विभास सरकार और सोनारपुर उत्तर की विधायक फिरदौसी बेगम शामिल हैं. तीनों ने दावा किया है कि उन्हें मुंबई से फोन कॉल आये, जिनमें कॉल करने वालों ने खुद को केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताया और मोटी रकम की मांग की. विधायकों के अनुसार, जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो उन्हें झूठे मामलों में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दी गयी. तीनों ने मंगलवार को अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज करायी. विभास सरकार ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्हें कथित तौर पर मुंबई सीबीआइ दफ्तर से फोन कर तीन करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया गया. इनकार करने पर उन्हें एक फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन कॉपी भेजी गयी, जिसमें दिखाया गया कि उन्होंने सादाकत खान नामक व्यक्ति को तीन करोड़ रुपये दिये हैं. आरोप है कि कॉल करने वालों ने खान को आतंकवादी बताकर विधायक को देशद्रोह के मामले में फंसाने की धमकी दी. इसी तरह फिरदौसी बेगम और सुब्रत मंडल ने भी बताया कि उन्हें फर्जी ईमेल और फोन कॉल्स के जरिए डराने की कोशिश की गयी. आरोप है कि उन्हें अनैतिक गतिविधियों में शामिल दिखाकर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई की धमकी दी गयी. तीनों विधायकों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस घटना के पीछे संगठित साइबर ठगी गिरोह हो सकता है, जो केंद्रीय एजेंसियों के नाम पर नेताओं और उद्योगपतियों से वसूली की कोशिश कर रहा है. उधर, इस घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों के नाम का दुरुपयोग कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह राज्य में विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश है. हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है. साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है,ताकि फोन कॉल्स और ईमेल्स के स्रोत का पता लगाया जा सके.

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