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दंगे भड़काने वाले बंगाल के दुश्मन : सीएम

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को मुर्शिदाबाद दौरे पर पहुंचीं, जहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सांसदों व विधायकों के साथ बैठक की.

केंद्र देश की सीमाओं की सुरक्षा पर ध्यान दे: मुख्यमंत्री

संवाददाता, कोलकाता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को मुर्शिदाबाद दौरे पर पहुंचीं, जहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सांसदों व विधायकों के साथ बैठक की. जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर सांप्रदायिक नफरत फैलाने और देश की सीमा की सुरक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में हाल की हिंसा से प्रभावित परिवारों को भाजपा द्वारा उनसे मिलने से रोका जा रहा है. गत माह हुए दंगों के बाद पहली बार मुर्शिदाबाद पहुंचने पर ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ बाहरी लोग और कुछ धार्मिक नेता समुदायों के बीच हिंसा और दुश्मनी भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे पश्चिम बंगाल के दुश्मन हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री पर साधा निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिये बिना बनर्जी ने उन्हें ””कार्यवाहक प्रधानमंत्री”” करार दिया. तृणमूल प्रमुख ने कहा : मैंने अपने जीवन में 10-12 प्रधानमंत्री देखे हैं. मैंने उनके साथ काम किया है. एक सांसद के तौर पर मैंने उन सभी को करीब से देखा है. मैं अब प्रधानमंत्री की बात नहीं कर रही हूं, बल्कि ””कार्यवाहक प्रधानमंत्री”” (अमित शाह) की बात कर रही हूं. कार्यवाहक प्रधानमंत्री कौन हैं? मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे कुछ छात्रों ने बताया है. शायद भाजपा ही जवाब दे सके कि वह कौन हैं. मैं उनसे (कार्यवाहक प्रधानमंत्री) कहूंगी कि सांप्रदायिक तनाव और उपद्रव पैदा करने के बजाय सीमाओं का ध्यान रखें. ईमानदार, गंभीर, उचित और जिम्मेदार बनने की कोशिश करें.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की तीखी आलोचना करते हुए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने आयोग के सदस्यों के मुर्शिदाबाद के हालिया दौरे के मद्देनजर उसकी प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया. सुश्री बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा ने मुर्शिदाबाद दंगों से प्रभावित परिवारों को ””जबरन”” अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया, ताकि वे उनसे मिल न सकें. उन्होंने कहा : भाजपा मुर्शिदाबाद दंगों से प्रभावित लोगों के परिवारों को वहां से दूर ले गयी, ताकि वे मुझसे न मिल सकें. क्या यह अपहरण नहीं है? अगर मैं उनसे यहीं मिलती और उन्हें चेक सौंपती, तो क्या नुकसान होता.

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