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किरायेदार से परिसर खाली करने का अनुरोध आपराधिक धमकी नहीं : हाइकोर्ट

Updated at : 17 Dec 2024 11:09 PM (IST)
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किरायेदार से परिसर खाली करने का अनुरोध आपराधिक धमकी नहीं : हाइकोर्ट

याचिकाकर्ता और संपत्ति के नये मालिक सुदीप पाल ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता सहित किरायेदारों से परिसर खाली करने के लिए कहा था

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कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान फैसला सुनाया कि संपत्ति खरीदार द्वारा किरायेदार से परिसर खाली करने के अनुरोध को भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 506 के तहत आपराधिक धमकी नहीं माना जा सकता. न्यायमूर्ति शंपा दत्त (पॉल) ने याचिकाकर्ता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करार देते हुए रद्द कर दिया. यह विवाद तब पैदा हुआ, जब याचिकाकर्ता और संपत्ति के नये मालिक सुदीप पाल ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता सहित किरायेदारों से परिसर खाली करने के लिए कहा था. शिकायतकर्ता ने बड़तला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करायी, जिसमें दावा किया गया कि सुदीप पाल ने जबरन बेदखल करने की धमकी दी थी. हाइकोर्ट की न्यायाधीश शंपा दत्त (पॉल) ने कहा कि एक व्यक्ति जिसने किरायेदारों द्वारा खाली करने से इनकार करने के बावजूद संपत्ति खरीदी है, वह बेदखली की कार्यवाही शुरू करने से पहले पक्षों से परिसर खाली करने का अनुरोध करेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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