नौकरी गंवा चुके शिक्षक आज कर सकते हैं नये आंदोलन की घोषणा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नौकरी गंवा चुके शिक्षकों का एक समूह संकट में है. इनमें से शिक्षकों का एक समूह, स्कूल सर्विस कमिशन कार्यालय, साल्टलेक के सामने बैठा हुआ है.
संवाददाता, कोलकाता
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नौकरी गंवा चुके शिक्षकों का एक समूह संकट में है. इनमें से शिक्षकों का एक समूह, स्कूल सर्विस कमिशन कार्यालय, साल्टलेक के सामने बैठा हुआ है. उनका आंदोलन व अनशन जारी है. इस बार ये शिक्षक व कर्मी एक नये आंदोलन कार्यक्रम की घोषणा करने की योजना बना रहे हैं. वे रविवार को इसकी घोषणा कर सकते हैं. बेरोजगार शिक्षकों के एक समूह ने शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से मुलाकात की. शिक्षा मंत्री ने कई वादे किये हैं, लेकिन कुछ नौकरी गंवाए शिक्षक अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. आने वाले दिनों में आंदोलन क्या दिशा लेगा? शिक्षक एक नयी रणनीति के साथ आंदोलन जारी रख सकते हैं.
प्रदर्शनकारियों में शामिल बेरोजगार शिक्षकों में से एक चिन्मय मंडल ने बताया, ‘16 अप्रैल को हमारे 150 शिक्षक दिल्ली में जंतर-मंतर के सामने बैठेंगे. उसकी तैयारियां चल रही हैं. यह आंदोलन एक दिन का होगा. हालांकि, हम यहां आंदोलन जारी रखेंगे. इसकी रूपरेखा बनायी जा रही है.
नौकरी गंवाए शिक्षकों के एक वर्ग ने कहा कि रविवार को आंदोलन की नयी रूपरेखा की घोषणा की जा सकती है. हालांकि, वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं. साथ ही, वे यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि उनके आंदोलन का कोई राजनीतिक रंग न हो. आचार्य सदन के सामने भूख हड़ताल पर बैठे तीन बेरोजगार शिक्षकों ने कहा कि वे अनशन पर हैं. कुछेक के अनुसार पुलिस उन्हें यहां बैनर लगाने की इजाजत नहीं दे रही है. जैव-शौचालय लगाने की भी अनुमति नहीं मिल रही है.
बेरोजगार शिक्षक राजीव हांसदा ने कहा कि आंदोलन का अंतिम उपाय भूख हड़ताल है. हमने यही स्वीकार किया है और अपनी भूख हड़ताल जारी रख रहे हैं. हमारे साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है. वे राष्ट्रपति को पत्र लिखने पर भी विचार कर रहे हैं. कुल मिलाकर, वे सरकार पर दबाव डालने के लिए आंदोलन के कई शांतिपूर्ण रास्तों पर चर्चा कर रहे हैं. सोमवार से भूख हड़ताल करने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
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