पीएम मोदी की तरह नंदीग्राम छोड़ भवानीपुर को चुनेंगे शुभेंदु अधिकारी या चुनेंगे नयी राह, फैसला 10 दिन में

नंदीग्राम में समर्थकों के बीच और हनुमान मंदिर में पूजा करते शुभेंदु अधिकारी.
Suvendu Adhikari Nandigram or Bhabanipur: भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत हासिल करने वाले शुभेंदु अधिकारी ने 10 दिन में एक सीट खाली करने का फैसला लिया है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से 9 मई तक शांति बनाये रखने की अपील की है. जानें उनका पूरा प्लान.
खास बातें
Suvendu Adhikari Nandigram or Bhabanipur: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ‘महानायक’ बनकर उभरे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी इस वक्त दोराहे पर खड़े हैं. उन्हें नंदीग्राम और भवानीपुर में से एक को चुनना है. दोनों सीटों से जीते शुभेंदु के पास अभी दो रास्ते हैं.
शुभेंदु के पास क्या हैं 2 रास्ते?
पहला यह कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह अपने गृह जिले को छोड़ दक्षिण कोलकाता की सीट चुनें. दूसरा यह कि वह भवानीपुर को छोड़ नंदीग्राम के विधायक बने रहें. शुभेंदु पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम सीट को छोड़कर भवानीपुर विधानसभा के विधायक बने रहेंगे या नंदीग्राम सीट को ही छोड़ेंगे, इसका निर्णय अगले 10 दिन में हो जायेगा. शुभेंदु अधिकारी ने खुद बुधवार को यह जानकारी दी.
2 में से एक सीट खाली करेंगे नंदीग्राम के भूमि पुत्र
भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पटखनी देने और नंदीग्राम से लगातार तीसरी बार जीत का परचम लहराने वाले शुभेंदु ने कहा है कि वे अगले 10 दिनों के भीतर जीती गयी 2 सीटों में से एक खाली कर देंगे. हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि वह कौन सी सीट खाली करेंगे. नंदीग्राम पहुंचे शुभेंदु ने भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की और कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने का कड़ा संदेश दिया.
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दोहरी जीत का धर्मसंकट, पार्टी आलाकमान लेगा फैसला
शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में समर्थकों को संबोधित करते हुए अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराया. शुभेंदु ने कहा- संवैधानिक नियमों के मुताबिक मैं 2 सीटों पर विधायक नहीं रह सकता. मैं 10 दिन में एक सीट खाली कर दूंगा. पार्टी जो भी आदेश देगी, मैं उसका पालन करूंगा. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वे भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों क्षेत्रों की जनता के प्यार और जिम्मेदारी को कभी नहीं भूलेंगे.
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भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराकर मचा दी खलबली
भवानीपुर में ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक वोटों से हराकर शुभेंदु ने टीएमसी ही नहीं, बंगाल की राजनीति में खलबली मचा दी. राज्य में जारी छिटपुट हिंसा के बीच शुभेंदु अधिकारी ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए कड़ा अनुशासन तय किया. उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे अभी कोई विजय जुलूस न निकालें. शांति बनाये रखना ही भाजपा का पहला धर्म है.
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Suvendu Adhikari Nandigram or Bhabanipur: नयी सरकार का इंतजार, शहीदों को नमन
शुभेंदु ने कहा- अभी संयम बरतें. 9 मई को जब नयी सरकार शपथ लेगी, उसके बाद ही जश्न मनाएं. उन्होंने राजनीतिक हिंसा में मारे गये भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी और वादा किया कि उनके बलिदान और अत्याचारों को कभी भुलाया नहीं जायेगा.
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लक्ष्य 100 साल का शासन और 60 फीसदी वोट शेयर
शुभेंदु अधिकारी ने आगामी भविष्य के लिए भाजपा का बड़ा रोडमैप भी सामने रखा. उन्होंने दावा किया कि भाजपा ऐसी व्यवस्था बनायेगी कि बंगाल में पार्टी की सरकार 100 साल तक बनी रहे. वर्तमान में भाजपा का वोट शेयर 46 प्रतिशत है, जिसे अगले चुनाव तक 60 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने नंदीग्राम के लोगों को बेहतर पेयजल आपूर्ति और वर्ल्ड क्लास अस्पतालों का आश्वासन भी दिया.
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By Mithilesh Jha
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