बंगाल में 1100 अधिकारियों के ट्रांसफर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, चीफ जस्टिस ने की गंभीर टिप्पणी

Published by :Mithilesh Jha
Published at :16 Apr 2026 9:54 PM (IST)
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Supreme Court Blow for Mamata Banerjee West Bengal Election 2026

Supreme Court Blow for Mamata Banerjee: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा किए गए 1100 अधिकारियों के तबादले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है. सीजेआई सूर्यकांत ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच अविश्वास पर गहरी चिंता जतायी.

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Supreme Court Blow for Mamata Banerjee: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले प्रशासनिक फेरबदल को लेकर जारी कानूनी लड़ाई में निर्वाचन आयोग (ECI) की जीत हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राज्य में 1,000 से अधिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया.

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए इसे देश का ‘दुर्भाग्य’ बताया कि अखिल भारतीय सेवाओं के निर्माण का मूल उद्देश्य विफल हो रहा है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान राज्य के बाहर से पर्यवेक्षकों की नियुक्ति एक सामान्य प्रक्रिया है.

दोनों पक्षों के बीच अविश्वास की गहरी खाई

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार और चुनाव आयोग के बीच भरोसे की कमी पर चिंता जतायी. पीठ ने कहा कि आयोग को राज्य के अधिकारियों पर भरोसा नहीं है और राज्य सरकार को आयोग के द्वारा लाये गये अधिकारियों पर यकीन नहीं है.

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चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने याद दिलाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान भी अदालत को न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति करनी पड़ी थी, क्योंकि पक्षों के बीच विश्वास की कमी थी.

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हालांकि, कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, लेकिन भविष्य के लिए यह सवाल खुला रखा कि क्या चुनाव आयोग को तबादलों से पहले राज्य सरकार से परामर्श करना अनिवार्य है.

1100 अधिकारियों का रातोंरात तबादला, क्या था विवाद?

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने दलील दी कि बंगाल के इतिहास में पहली बार मुख्य सचिव, डीजीपी और कई पुलिस अधीक्षकों का इस तरह तबादला किया गया है. आरोप लगाया गया कि चुनाव अधिसूचना जारी होते ही लगभग 1,100 अधिकारियों को रातोंरात बदल दिया गया.

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Supreme Court Blow for Mamata Banerjee: अदालत ने की गंभीर टिप्पणी

कल्याण बनर्जी की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. न ही सिर्फ बंगाल में हुआ है. सीजेआई ने पूछा कि जब सभी अधिकारी बंगाल कैडर के ही हैं, तो उन्हें ‘ए’ पद पर रखा जाये या ‘बी’ पर, इससे क्या फर्क पड़ता है?

बंगाल चुनाव मुकदमों के लिए सुनहरा अवसर : जस्टिस बागची

पीठ में शामिल जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने टिप्पणी की कि चुनावी मुकदमों के लिहाज से पश्चिम बंगाल के चुनाव एक ‘सुनहरा अवसर’ साबित हुए हैं. कोर्ट ने यह भी साफ किया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए राज्य के बाहर से पर्यवेक्षक नियुक्त करना हमेशा से एक आदर्श प्रक्रिया रही है.

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कलकत्ता हाईकोर्ट के 31 मार्च के आदेश को बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल हस्तक्षेप करने से मना कर दिया है. बंगाल की 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, और इस फैसले ने चुनाव आयोग के हाथ मजबूत कर दिये हैं.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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