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आलू संकट को लेकर राज्य के मंत्री ने केंद्र पर साधा निशाना

Updated at : 03 Dec 2024 1:43 AM (IST)
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आलू संकट को लेकर राज्य के मंत्री ने केंद्र पर साधा निशाना

आलू के निर्यात पर रोक के बाद राज्य के आलू व्यापारियों की मंगलवार से प्रस्तावित हड़ताल पर सरकार सख्त है.

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बांग्लादेश में आलू भेजने का लगाया आरोप

आलू व्यवसायियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर राज्य सरकार सख्त

संवाददाता, कोलकाता

आलू के निर्यात पर रोक के बाद राज्य के आलू व्यापारियों की मंगलवार से प्रस्तावित हड़ताल पर सरकार सख्त है. विधानसभा के बाहर सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में राज्य के कृषि विपणन मंत्री बेचाराम मन्ना ने आलू संकट को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया. मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र ने बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित मालदा जिले के महादीपुर, दक्षिण दिनाजपुर के हिली और कूचबिहार के चेंगराबांधा चेकपोस्ट के माध्यम से बांग्लादेश को आलू भेजा है, जिससे राज्य में किल्लत हुई है. यह बंगाल का सुनियोजित उत्पीड़न है.

बंगाल से विभिन्न राज्यों में आलू की आपूर्ति रोके जाने के मुद्दे पर सोमवार को कृषि विपणन मंत्री के साथ आलू व्यवसायियों की हुई बैठक बेनतीजा रही. बैठक के बाद पश्चिम बंगाल प्रगतिशील आलू व्यवसायी संघ के सचिव लालू मुखर्जी ने कहा कि पूर्व घोषणा के अनुसार मंगलवार से वे हड़ताल पर चले जायेंगे. इस पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी स्थिति से निबटने को तैयार है. उन्होंने सख्त कार्रवाई के संकेत दिये.

मंत्री ने कहा कि इस वर्ष राज्य में आलू उत्पादन की मात्रा 58 लाख 84 मीट्रिक टन है. 2023 में यह मात्रा 63.5 मिलियन मीट्रिक टन थी. पिछली बार से करीब 4.5 लाख मीट्रिक टन आलू कम पैदा हुआ है. मंत्री ने इस स्थिति के लिए चक्रवात डाना के कारण हुई लगातार बारिश को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि राज्य के पास जितना आलू का भंडार है, उससे आम लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी. मन्ना ने कहा कि नये साल में 10 से 15 जनवरी के बीच स्थिति सामान्य हो जायेगी.

मंत्री ने कहा कि फिलहाल छह लाख दो हजार मीट्रिक टन आलू यहां है. राज्य को प्रतिदिन 18 हजार मीट्रिक टन आलू की जरूरत है. इसमें से अकेले कोलकाता में पांच हजार मीट्रिक टन आलू की जरूरत है.

मंत्री ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने उनको ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं. ममता ने पहले ही साफ कहा है कि पहले वह पहले अपने राज्य के लोगों की जरूरतें पूरा करेंगी. उसके बाद ही दूसरे राज्यों में आलू की आपूर्ति के बारे में सोचेंगी. यह भी कहा कि हालात सामान्य नहीं होने तक किसी भी तरह से आलू का निर्यात नहीं किया जायेगा.

पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कृषि विपणन मंत्री ने कहा कि बैठक में उन्होंने आलू व्यवसायियों से हड़ताल पर नहीं जाने का अनुरोध किया, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया. मंत्री ने स्पष्ट कहा कि कुछ बेईमान व्यापारी जो मुनाफे के लिए आलू की कालाबाजारी कर रहे हैं, उन्हें कोई छूट नहीं दी जायेगी. 40 कोल्ड स्टोरेज के मालिक आलू की कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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