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उत्तर बंगाल : जनजीवन सामान्य करने के लिए राहत व बचाव कार्य में लाएं तेजी

Updated at : 12 Oct 2025 1:14 AM (IST)
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उत्तर बंगाल : जनजीवन सामान्य करने के लिए राहत व बचाव कार्य में लाएं तेजी

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और स्वच्छ पर्यावरण पर ध्यान देने का निर्देश दिया

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कोलकाता. उत्तर बंगाल के बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित जिलों में राज्य सरकार की ओर से जनजीवन सामान्य करने के प्रयास तेज कर दिये गये हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव के माध्यम से जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि राहत और बचाव कार्य पूरे जोश और संवेदनशीलता के साथ जारी रहें, ताकि किसी भी पीड़ित परिवार को कोई कमी न महसूस हो. मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और स्वच्छ पर्यावरण पर ध्यान देने का निर्देश दिया. राहत शिविरों में साफ-सफाई, महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है. प्रभावित जिलों में प्रशासन और विभागीय टीमें लगातार राहत कार्य में लगी हुई हैं. अस्थायी आश्रय शिविर, सामुदायिक रसोई और वितरण शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों तक भोजन, पानी और स्वच्छता सामग्री पहुंचायी जा रही है. घरों के नुकसान का आकलन जियो-टैग्ड तस्वीरों के जरिए किया जा रहा है, ताकि मकान निर्माण अनुदान पारदर्शी तरीके से वितरित किया जा सके. जिन लोगों के सरकारी दस्तावेज बाढ़ में नष्ट हुये हैं, उन्हें पुनः जारी कराने के लिए विशेष शिविर लगाये गये हैं. लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंता कालिम्पोंग-दार्जिलिंग और तीस्ता बाजार सड़क (राज्य राजमार्ग 12) सहित कई महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों की मरम्मत में जुटे हैं. स्थायी मरम्मत कार्य राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत किये जा रहे हैं. कृषि विभाग प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का आकलन कर रहा है और ‘बांग्ला शस्य बीमा’ योजना के तहत दावा निपटान के लिए शिविर चला रहा है. अब तक 1.23 करोड़ की लागत से 25 क्विंटल सरसों/तोरी, 200 क्विंटल मसूर और 600 क्विंटल मक्का के बीज वितरित किये गये हैं. पशु संसाधन विकास विभाग ने प्रभावित इलाकों में पशु आहार, दवाएं और फफूंदनाशक वितरित किये हैं. राहत शिविरों में महिलाओं के लिए स्वच्छता किट, स्नानगृह, शौचालय और सौर रोशनी की व्यवस्था की गयी है. सरकार का उद्देश्य राहत केवल सहायता नहीं, बल्कि गरिमा और मानवीय संवेदना के साथ देना है. मुख्यमंत्री लगातार हालात की समीक्षा कर रही हैं. मुख्य सचिव और विभागीय मंत्री भी नियमित बैठकें कर राहत कार्यों की प्रगति पर नजर रख रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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