आरोपियों को छह दिनों की पुलिस हिरासत
प्रतिनिधि, हुगली.
सिंगुर थाने की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए महाराष्ट्र के नागपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई गत वर्ष छह दिसंबर को दर्ज एक ठगी के मामले में की गयी, जिसमें लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप था. मामले की जांच के दौरान सटीक जानकारी जुटाने के बाद, पुलिस ने गत 24 मार्च को नागपुर में विशेष अभियान चलाकर दोनों आरोपियों को धर-दबोचा. इस बात की जानकारी डीएसपी हेडक्वार्टर अगिनेश्वर चौधरी ने दी है.
क्या है मामला? : सिंगुर थाना क्षेत्र के निवासी नव कुमार दास ने 6 दिसंबर 2024 को शिकायत दर्ज करायी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि केतन पेरश वासानी, जो साइनाथ सॉल्वेक्स मिल से जुड़े हैं, ने डीजीएस खरीदने के नाम पर उनसे पैसे लिए थे. पहले उन्होंने आरोपी को 10,000 रुपये भेजे, जिसके बाद कंपनी ने बताया कि सामान एक ट्रक (एमएच46 बीयू4666) के जरिये भेजा गया है, जिसे कुलदीप मुकेश रोडलाइन द्वारा परिवहन किया जा रहा है. इसके बाद, 13 सितंबर 2024 को शिकायतकर्ता ने 5,72,000 रुपये और भेजे, लेकिन लंबे समय तक सामान नहीं मिला. जब उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो मिल मालिक ने शुरुआत में पैसा लौटाने की बात कही, लेकिन बाद में इनकार कर दिया. इससे शिकायतकर्ता को ठगे जाने का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी.
पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपियों को?
मामले की जांच की जिम्मेदारी सिंगुर थाने के एसआइ तुषार मंडल को दी गयी. उन्होंने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर नागपुर में छिपे आरोपियों की पहचान की. पश्चिम बंगाल पुलिस से अनुमति मिलने के बाद, 24 मार्च को सिंगुर पुलिस की एक टीम नागपुर पहुंची और वहां के कैलमना थाने की पुलिस की मदद से 26 मार्च को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में नागपुर के जय प्रवीण माकवाना (33) और केतन वासानी (32) हैं.
गिरफ्तार आरोपियों को चंदननगर कोर्ट में पेश किया गया, जहां छह दिनों की पुलिस हिरासत में उन्हें भेज दिया गया. पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे ठगी नेटवर्क की जांच कर रही है.
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