70 लाख रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी कोलकाता के पूर्व पार्षद अनिल गिरफ्तार, रिहा

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शम्स इकबाल उर्फ अनिल.

Shams Iqbal Anil Arrested: कोलकाता के पूर्व रसूखदार पार्षद शम्स इकबाल उर्फ अनिल को 70 लाख की रंगदारी मामले में गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद अलीपुर कोर्ट से जमानत मिल गयी. शिकायतकर्ता ने कोर्ट में हलफनामा देकर अपनी शिकायत वापस ले ली है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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Shams Iqbal Anil Arrested: कोलकाता के मटियाबुर्ज और गार्डनरीच इलाके के चर्चित हाई-प्रोफाइल रंगदारी मामले में सोमवार को बेहद नाटकीय और अप्रत्याशित मोड़ आ गया. कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व प्रभावशाली पार्षद शम्स इकबाल उर्फ अनिल को 2023 के कथित वसूली मामले में सुबह गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद कोलकाता की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी. उन्हें तब राहत मिली, जब शिकायतकर्ता व्यवसायी ने अचानक अपने सारे आरोप वापस ले लिये.

कोर्ट रूम में पलट गया पूरा मामला

गार्डनरीच थाने की पुलिस ने शम्स इकबाल अनिल को रंगदारी वसूलने और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था. दोपहर में उन्हें कोलकाता की अलीपुर अदालत (Alipore Court) में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान मामले में तब नया मोड़ आया, जब शिकायतकर्ता मोहम्मद शादाब ने कोर्ट में लिखित हलफनामा (Affidavit) दाखिल कर कहा कि वह पूर्व पार्षद के खिलाफ आपराधिक मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते.

आपसी गलतफहमी के कारण हुआ था विवाद : वकील

अदालत में जिरह के दौरान शिकायतकर्ता व्यवसायी के वकील ने जज के सामने कहा- मेरे मुवक्किल मोहम्मद शादाब और पूर्व पार्षद शम्स इकबाल अनिल के बीच लंबे समय से बेहद करीबी कारोबारी संबंध रहे हैं. यह पूरी शिकायत दोनों पक्षों के बीच व्यावसायिक लेन-देन में हुई एक गलतफहमी (Misunderstanding) के कारण दर्ज करायी गयी थी. यह मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है. मेरे मुवक्किल को आरोपी से कोई शिकायत नहीं है. कोर्ट ने आपसी समझौते और अनुरोध को स्वीकार करते हुए अनिल को तुरंत जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया.

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कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई थी कार्रवाई, जांच जारी रहेगी : पुलिस

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी को रविवार रात हिरासत में लिया था और सोमवार को गिरफ्तार किया. मामला वर्ष 2023 का था, जिसमें शादाब ने आरोप लगाया था कि अनिल और उसके 2 साथियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देकर 70 लाख की रंगदारी वसूली थी. पुलिस अधिकारी ने कहा- अदालत के समक्ष शिकायत वापस लेना दोनों पक्षों का निजी निर्णय है. जांच एजेंसी कानून के दायरे में रहकर अदालत के अगले निर्देशों के अनुसार ही अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.

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अब तक गिरफ्तार 10 पार्षदों की पूरी लिस्ट

  1. शम्स इकबाल उर्फ अनिल (वार्ड 134 – पूर्व पार्षद): 70 लाख रुपए की जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी के आरोप में गार्डनरीच पुलिस ने किया गिरफ्तार. हालांकि, कोर्ट में शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली, जिससे अनिल को जमानत मिल गयी.
  2. सुष्मिता भट्टाचार्य (वार्ड 63): एक बुजुर्ग से लगभग 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी और रंगदारी के आरोप में अपने पति के साथ गिरफ्तार.
  3. बाप्पादित्य दासगुप्ता (वार्ड 101): जमीन पर कब्जा और जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार.
  4. तारकेश्वर चक्रवर्ती (वार्ड 104 – पूर्व पार्षद): रंगदारी, जालसाजी और महिला से छेड़छाड़ के आरोपों में गिरफ्तार.
  5. सचिन सिंह (वार्ड 36): रंगदारी और अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार.
  6. महेश कुमार शर्मा (वार्ड 42): बड़ाबाजार पुलिस स्टेशन ने भ्रष्टाचार और रंगदारी के आरोपों में गिरफ्तार किया.
  7. अरिजीत दास ठाकुर (वार्ड 106 – पूर्व पार्षद): रंगदारी के एक मामले में गिरफ्तार.
  8. सुदीप पोली (वार्ड 123): जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार.
  9. स्वप्न समद्दार (वार्ड 56 – पूर्व पार्षद): विभिन्न आपराधिक मामलों में गिरफ्तार.
  10. मोहम्मद जसीमुद्दीन : तृणमूल कांग्रेस के पार्षद मो जसीमुद्दीन को एक नाबालिग की यौन प्रताड़ना के आरोप में गिरफ्तार किया गया.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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