अमित शाह 1.5 करोड़ मतदाताओं के नाम काटने के लिए दे रहे हैं निर्देश : मुख्यमंत्री

Krishnanagar: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee speaks with TMC MP Mahua Moitra during a public meeting, in Krishnanagar, West Bengal, Thursday, Dec. 11, 2025. (PTI Photo)(PTI12_11_2025_000411B)
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर हमला तेज करते हुए उन्हें ‘खतरनाक’ करार दिया
ममता ने शाह को कहा ‘खतरनाक’, केंद्रीय गृह मंत्री को लेकर दिया विवादित बयान
सीएम बोलीं : एक भी पात्र मतदाता का नाम हटाया गया तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जायेंगी
संवाददाता, कोलकातामुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर हमला तेज करते हुए उन्हें ‘खतरनाक’ करार दिया और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का इस्तेमाल 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल के लाखों पात्र मतदाताओं के नाम गैरकानूनी तरीके से हटाने के लिए कर रहे हैं. नदिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि शाह मतदाता सूचियों से ‘डेढ़ करोड़ नाम’ हटाने की कोशिशों को सीधे तौर पर निर्देशित कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान एक भी पात्र मतदाता का नाम हटाया गया, तो वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जायेंगी.मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का गृहमंत्री खतरनाक है. उनकी आंखों में यह साफ दिखता है. इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्री को लेकर विवादित बयान दिया. सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले एसआइआर का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वे वोटों के लिए इतने भूखे हैं कि उन्होंने एसआइआर शुरू कर दिया है. अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम कट जाता है तो मैं तब तक धरना दूंगी, जब तक नाम जुड़ नहीं जाता. पश्चिम बंगाल में कोई निरुद्ध केंद्र नहीं बनेगा. सुश्री बनर्जी ने दावा किया कि एसआइआर के दौरान जिलाधिकारियों पर डेढ़ करोड़ नाम काटे जाने का दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा: बिहार में आपने ऐसा कर लिया होगा, लेकिन बंगाल में नहीं कर सकते.
भाजपा के आइटी प्रकोष्ठ के कहने पर तैयार की जा रही है मतदाता सूची : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मसौदा मतदाता सूचियां भाजपा के आइटी प्रकोष्ठ के कहने पर तैयार की जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने उन खबरों का हवाला दिया कि लोगों ने अपने दस्तावेजों के तौर पर दादा-दादी के नाम दिये थे, उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जायेगा और उनका नाम सूची से हटाया जा सकता है. उन्होंने कहा: अब हम सुन रहे हैं कि जिन्होंने अपने दादा-दादी के नाम दिये हैं, उन्हें बुलाया जायेगा और योजना यह है कि इन सुनवाइयों से सीधे नाम हटा दिये जायें. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए भाजपा से जुड़े अधिकारियों को तैनात कर रहा है. जिला प्रशासन को प्रभावित करने और एसआइआर की सुनवाइयों पर नजर रखने के लिए दिल्ली से ऐसे लोग भेजे जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में स्थिति पर नजर रखने के लिए दिल्ली से भाजपा समर्थित कुछ लोगों को भेजा जा रहा है. केवल भाजपा की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों हो रही है? सुश्री बनर्जी ने लाखों नाम हटाने की भाजपा की शिकायत का जिक्र करते हुए कहा, ‘भाजपा ने शिकायत की है. वे चाहते हैं कि उनके नाम को छोड़कर बाकी सभी के नाम हटा दिये जायें.’ वहीं, गृह मंत्री शाह ने बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा था कि देश में एक भी घुसपैठिये को नहीं रहने दिया जायेगा और अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े लोग बंगाल से गायब हो जायेंगे. इस पर मुख्यमंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि हमारे पास एक (केंद्रीय) गृह मंत्री हैं जो सभी बंगालियों को बांग्लादेशी करार देकर उन्हें निरुद्ध केंद्रों में भेजने के लिए कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन हम किसी को भी पश्चिम बंगाल से बाहर नहीं निकालने देंगे. अगर किसी को जबरन निकाला जाता है तो उसे वापस लाने का तरीका हम बखूबी जानते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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