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नये तथ्यों के साथ कोर्ट में जल्द सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल कर सकती है सीबीआइ

Updated at : 16 Dec 2024 1:40 AM (IST)
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नये तथ्यों के साथ कोर्ट में जल्द सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल कर सकती है सीबीआइ

सीबीआइ अदालत में आरजी कर मामले में जल्द सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल कर सकती है.

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आरजी कर कांड. दुष्कर्म व हत्या के मामले में फिर बढ़ सकती हैं संदीप व अभिजीत की मुश्किलेंसंवाददाता, कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में एक जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और टाला थाने के पूर्व ओसी अभिजीत मंडल को सियालदह कोर्ट से जमानत दिये जाने को लेकर जूनियर डॉक्टरों का विरोध जारी है. साथ ही दोनों की गिरफ्तारी के 90 दिनों के बाद भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) द्वारा सप्लीमेंटरी चार्जशीट अदालत में दायर नहीं कर पाने को लेकर आलोचना की जा रही है. सूत्रों के अनुसार सीबीआइ अदालत में अब जल्द सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल कर सकती है. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अहम तथ्य भी पेश किये जा सकते हैं. हालांकि, आधिकारिक तौर पर सीबीआइ ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया है. जमानत मिलने के बाद भी संदीप घोष जेल से रिहा नहीं हो पाये हैं, क्योंकि वह आरजी कर अस्पताल से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में भी गिरफ्तार हैं और फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. हालांकि. टाला थाने के पूर्व ओसी अभिजीत मंडल जमानत मिलने वाले रोज यानी गत शुक्रवार को जेल से रिहा हो चुके हैं. दोनों को मामले से जुड़े सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अदालत में हुई पिछली सुनवाई में सीबीआइ घोष व मंडल पर कई आरोप भी लगा चुकी थी. केंद्रीय जांच एजेंसी यह दावा कर चुकी थी कि जिस दिन महिला चिकित्सक का शव बरामद हुआ था, उस दिन मंडल और घोष ने कई बार फोन पर बात की थी. उनके फोन से कुछ ””संदिग्ध”” तथ्य मिले थे. जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया था कि घटना को दबाने के लिए गिरफ्तार गये दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से कई फोन कॉल भी किये गये थे. साथ ही मामले में पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठाया गया था. गत शुक्रवार को सियालदह कोर्ट में सीबीआइ की ओर से कहा गया कि मामले में घोष व मंडल की भूमिका लेकर जांच जारी है. हालांकि, दोनों की गिरफ्तारी के 90 दिनों के बाद शुक्रवार को ही उनके खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी को सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर करना अहम था, लेकिन सीबीआइ इसमें विफल रही. ऐसे में दोनों की जमानत का आवेदन अदालत ने मंजूर कर लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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